बदायूं। शहर की मुख्य पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। कई जगह ठेले लगाकर तो कहीं-कहीं अवैध निर्माण करके सड़कों की चौड़ाई निगल ली है। नतीजा यह है कि जो सड़कें कभी चौड़ी हुआ करती थीं, अब वह संकरी हो गई हैं। हालात यह है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में कई सड़कों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे रोजाना लंबा लगता है। इससे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
केस एक-
सड़क पर हो रहा कारोबार
नेहरू चौक से तहसील सदर तक सबसे व्यस्त मार्ग है। तहसील होने के कारण यहां रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं। सुबह से ही लोगों की भीड़ और गाड़ियों का दबाव बढ़ जाता है। यहां पर सड़क के दोनों ओर दुकानदारों ने कब्जा किया हुआ है। कपड़ों से लेकर फलों और लोहे-स्टील के सामान तक हर दुकान का माल बाहर रखा है। बुधवार को इस रोड पर एसडीएम का वाहन फंस गया। सुरक्षाकर्मियों की मदद से उनकी गाड़ी निकाली जा सकी। संपूर्ण समाधान दिवस के दिन समस्या और बढ़ जाती है।
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केस दो-
बिजली के खंभों पर लगाई दुकान
मुख्य बाजार के हालत और भी खराब है। यहां दुकानदारों ने बिजली के खंभों तक को अपनी दुकान का हिस्सा बना लिया है। खंभों पर कपड़े, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान लटकाकर बेच रहे हैं। यह जानलेवा साबित हो सकती है। बाजार में फुटपाथ का नामोनिशान नहीं है। सड़क तक दुकान फैली होने के कारण लोगों का उधर से निकलना मुश्किल होता है। सड़कों के दोनों किनारों पर दुकानदार और ग्राहक वाहन खड़े कर रहे हैं, इसलिए जाम की समस्या और विकराल हो गई है।
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केस तीन-
जाम से बचने को लगाए तीन किमी का चक्कर
घंटाघर से चूना मंडी तक का मार्ग करीब 15 फीट चौड़ा है। दुकानदारों के कब्जे के कारण दिन में यहां से बाइक तक निकालना मुश्किल हो जाता है। दिनभर जाम लगा रहता है। खासकर दोपहर बाद और शाम के समय हालात ज्यादा बिगड़ जाते हैं। कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोग इधर से गुजरने से बचते हैं। मजबूरन तीन किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर दूसरी ओर से निकलते हैं। यहां कपड़े और किराने की सबसे ज्यादा दुकाने हैं। बीच-बीच में ठेले वालों की भी भीड़ रहती है।
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सीन-
इंदिरा से दिनेश चौक तक जाम
इंदिरा चौक से कश्मीरी चौक (दिनेश चौक) तक का मार्ग शहर के बीच में है। यह सबसे चौड़ा मार्ग है। इसके बावजूद दिनभर यहां जाम रहता है। दुकानदारों ने आधा सामान स्थायी रूप से सड़क पर रखा है। कई जगह मोटरसाइकिल और स्कूटर की मरम्मत सड़क पर की जाती है। इससे राहगीरों को निकलने में दिक्कत होती है। कई दुकानदार लोहे की रैक और फर्नीचर भी सड़क पर लगाए हैं। चौड़ी सड़क भी अब इतनी तंग हो गई है आमने-सामने से कार आ जाय तो जाम तो निकलना मुश्किल है।
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आग लग जाए तो फायर ब्रिगेड पहुंचना मुश्किल
शहर में अतिक्रमण व जाम की समस्या जिस तरह है, उससे गलियां काफी सकरी व तंग हो गई हैं। ऐसे में यदि आगजनी की घटना हो जाए तो तो फायर ब्रिगेड वाहन का वहां तक पहुंचना आसान नहीं होगा। ऐसे में इस समस्या को समय रहते दूर करने की जरूरत है।
क्या बोले व्यापारी
-दुकानदारों को प्रतिस्पर्धा के दौर में होने की वजह से काफी परेशानी है। प्रशासन को भी ध्यान देना चाहिए। एक तरफ से अतिक्रमण हटवाया जाए, ताकि सभी व्यापारियों को सहुलियतें रहे।
- विपिन अग्रवाल, व्यापारी
- जाम की वजह सिर्फ दुकानदार ही नहीं, गाड़ियों की गलत पार्किंग भी है। यदि पार्किंग की व्यवस्था हो जाए तो समस्या कम होगी। अधिकारियों को इसका समाधान करना चाहिए। -मुनेंद्र कुमार सिंह, व्यापारी
- जाम से व्यापारियों को काफी नुकसान होता है। इस संदर्भ में अधिकारियों से कई बार वार्ता की गई है। व्यापारियों को जागरूक करके अतिक्रमण को खत्म करने के लिए ठोस रणनीति बनाएंगे। -नवनीत गुप्ता, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
वर्जन-
शहर में जिन लोगों ने सड़कों पर अतिक्रमण कर रखा है, उनको नोटिस जारी किया जा रहा है। जल्द ही अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विवेकमणि त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका परिषद
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शहर में जाम व अतिक्रमण की समस्या ज्यादा है। इसके बावजूद यदि कहीं आग लग जाए तो उस पर काबू पाने के लिए बुलेट फायर वाहन मौजूद है। फिर भी सड़कों पर अतिक्रमण न हो तो पहुंचना आसान होता है। - रामराजा यादव, सीएफओ
कश्मीरी चौक से इंदिरा चौक को जाने वाले रोड़ पर अतिक्रमण। संवाद
कश्मीरी चौक से इंदिरा चौक को जाने वाले रोड़ पर अतिक्रमण। संवाद
कश्मीरी चौक से इंदिरा चौक को जाने वाले रोड़ पर अतिक्रमण। संवाद
कश्मीरी चौक से इंदिरा चौक को जाने वाले रोड़ पर अतिक्रमण। संवाद
कश्मीरी चौक से इंदिरा चौक को जाने वाले रोड़ पर अतिक्रमण। संवाद
कश्मीरी चौक से इंदिरा चौक को जाने वाले रोड़ पर अतिक्रमण। संवाद
कश्मीरी चौक से इंदिरा चौक को जाने वाले रोड़ पर अतिक्रमण। संवाद
कश्मीरी चौक से इंदिरा चौक को जाने वाले रोड़ पर अतिक्रमण। संवाद