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OPS: बदायूं में पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों ने निकाला आक्रोश मार्च, डीएम को दिया ज्ञापन

Thu, 26 Sep 2024 07:36 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं

सार

बदायूं में गुरुवार को पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों ने आवाज बुलंद की। अटेवा जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह ने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रत्येक कर्मचारी को पुरानी पेंशन नहीं मिल जाती। 
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डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क में जुटे कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं में अटेवा व एनएमओपीएस के राष्ट्रीय आह्वान पर गुरुवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क से डीएम कार्यालय तक केंद्रीय व राज्य कर्मचारी, शिक्षक व विभिन्न संवर्ग के कर्मचारियों ने आक्रोश मार्च निकाला। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि नई पेंशन योजना किसी भी हाल में उनको मंजूर नहीं है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने का काम करेंगे।

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अटेवा जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह ने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रत्येक कर्मचारी को पुरानी पेंशन नहीं मिल जाती। उन्होंने कहा कि ना तो उन्हें एनपीएस चाहिए और ना ही यूपीएस। उन्हें हूबहू केवल और केवल पुरानी पेंशन चाहिए। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं है, किसी एक संगठन की नहीं है, इसीलिए उन्होंने बदायूं जिले के सभी संगठनों से भी यह आह्वान किया कि सभी संगठन पुरानी पेंशन के लिए अटेवा की मदद करें। 

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'यह अधिकारी की लड़ाई'
अटेवा जिला संरक्षक डॉ. राकेश प्रजापति ने कहा कि यह लड़ाई अपने अधिकार की लड़ाई है। जिसे हम सबको मिलकर के प्राप्त करना है। पुरानी पेंशन को प्राप्त करने के लिए सभी कर्मचारी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने का कार्य करेंगे। यदि सरकार इस पर भी नहीं मानती है, तो जन आंदोलन करने का भी कार्य अटेवा करेगा। अटेवा जिला प्रभारी अनिल यादव ने कहा ये अटेवा के संघर्ष की ताकत है, जो दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक और राजस्थान में पुरानी पेंशन लागू हो चुकी है। सभी कर्मचारी इसी तरह अटेवा का साथ देते रहे, तो आने वाले समय में पूरे देश में पुरानी पेंशन लागू होगी। 

जिला महामंत्री लल्लू सिंह प्रजापति ने कहा कि यह लड़ाई केवल कर्मचारी की नहीं है, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है। क्योंकि समाज के व्यक्ति का कोई ना कोई परिवारीजन कर्मचारी अवश्य है। जिला कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कर्मचारियों से अटेवा के अधिक से अधिक सदस्य बनने पर जोर दिया। जिला संगठन मंत्री निर्भान सिंह ने संघे शक्ति अर्थात संगठन में ही शक्ति पर बल दिया और सभी संगठन को संगठित होने के लिए कहा। 

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