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बिजली कर्मचारियों को  बंधक बनाया, प्रदर्शन  

Sun, 24 Apr 2016 11:37 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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बिजली कर्मचारियों को  बंधक बनाया - फोटो : अमर उजाला
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दो घंटे बिजली सप्लाई मिलने का लगाया आरोप 
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 कस्बे सहित क्षेत्र के तमाम गांवों में बिजली सप्लाई एक डेढ़ घंटे मिलने से आजिज आकर ग्रामीणों ने रविवार को विद्युत सब स्टेशन पर धावा बोल दिया। बिजली विभाग के जेई एसएन सिंह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए और सप्लाई दुरुस्त किए जाने की मांग को लेकर किसानों ने बिजली कर्मियों को बंधक बना लिया। 
बीते कई दिनों से बिजली सप्लाई खराब होने की वजह से खेती सूख रही है। साथ ही लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों से की तो उन लोगों ने कह दिया कि वे लोग सप्लाई दुरुस्त नहीं कर पाएंगे, जो करना हो कर लो। क्योंकि विभागीय इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। समस्या का निस्तारण न होने के साथ ही उन लोगों को आश्वासन की जगह दुत्कार मिली। 
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इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सब स्टेशन घेरने का तय किया और रविवार को उसहैत क्षेत्र के गांव घनश्याम नगला, ककरुआ, रिजौला, बिचौला, नसीरगनर, तरसुरा, गढ़िया, मिर्जापुर खैरे, लिलवां आदि गांवों के ग्रामीण ट्रैक्ट्रर ट्रॉली में भरकर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि प्रदेश सरकार 14 घंटे बिजली सप्लाई देने की घोषणा कर रही है, जबकि उन लोगों को महज दो घंटे से भी कम बिजली मिल रही है। प्रदर्शन करने वालों में उजीर, केशव, विनोद, सत्यवीर, सत्यपाल, पुष्पेंद्र, सत्यप्रकाश, शादाब, आतिब मिर्जा, शहनवाज, छम्मन, ब्रह्मजीत आदि किसान मौजूद रहे। 
धूल खा रहा पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर 
कस्बे की विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए करीब दो वर्ष पहले पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर मंगवाया गया था, लेकिन ट्रांसफार्मर अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा सका। सारे उपकरण धूल खा रहे हैं, जबकि जनता को परेशानी हो रही है सो अगल। ऐसे में लोगों के अंदर विद्युत विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 
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...और जब रो पड़ा किसान 
बिजली न आने की वजह से किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह बात तो सभी को मालूम है, लेकिन बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों में मौजूद किसान ओमकार सिंह रोने लगा। लोगों ने पूछा तो बताया कि बिजली कटौती की वजह से गेहूं की फसल में पानी नहीं लगा सका। इस वजह से उसकी फसल बर्बाद हो गई। कहा कि चार बीघा खेत में केवल 90 किलो गेहूं निकला है।
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