कटरा सआदतगंज स्थित जूनियर हाईस्कूल में वोटिंग सामान्य रूप से चल रही
थी। इसी दौरान यहां जिला पंचायत के दो प्रत्याशियों के एजेंटों के बीच
कहासुनी हो गई। मतदान केंद्र के बाहर भी प्रत्याशियों के समर्थक जमा हो गए।
यहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उनको खदेड़ दिया। कुछ देर के बाद इंस्पेक्टर
उझानी देवराज राठी यहां पहुंचे। उझानी पुलिस के सिपाहियों ने बूथ के कुछ
दूरी पर खड़े ग्रामीणों को पीट दिया। इससे गुस्साए ग्रामीण पुलिस के खिलाफ
लामबंद हो गए। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें राजवीर घायल हो
गया। लाठीचार्ज के बाद दो घंटे तक मतदान रुका रहा। बाद में सीओ लाइन जगदीश
चंद्र पाटनी समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को
समझाबुझा कर मतदान चालू कराया। हजरतपुर में बगैर आईडी वोट डालने से टोकने
पर वोटर पुलिस कर्मियों से उलझ गए तो पुलिस कर्मियों ने हल्का बल प्रयोग कर
उन्हें खदेड़ दिया।
अतिसंवेदनशील केंद्रों पर तैनात रही पीएसी
बदायूं।
पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में दातागंज, समरेर, म्याऊं और उसावां ब्लाकों
के कटरी क्षेत्र में बने 80 मतदान केंद्र पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती
बने रहे। गनीमत रही कि यहां कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई। कटरा सआदतगंज
में पुलिस लाठी चार्ज को छोड़ दें, तो तीसरे चरण का मतदान पूरी तरह से
शांतिपूर्ण निपट गया।
महिला प्रत्याशी की पीठासीन अधिकारी से झड़प
मूसाझाग।
दातागंज ब्लाक के हसनपुर मतदान केंद्र पर जिला पंचायत सदस्य पद की महिला
प्रत्याशी राजरानी जाटव की पीठासीन अधिकारी से झड़प हो गई। दरअसल, इस मतदान
केंद्र पर मतदान की गोपनीयता भंग हो रही थी। मोहर लगाने के स्थान को कपड़ा
आदि से ढका नहीं गया था। राजरानी जाटव ने इसका विरोध किया। इसी बात पर
दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बाद में पुलिस ने मामले को शांत कराया।
सेहरा और महोरा में भी झड़पें
बदायूं।
दातागंज ब्लाक के सेहरा, धनौरा और महोरा गांवों में भी मतदान के दौरान
छिटपुट झड़पें हुईं। हालांकि इनसे मतदान में किसी तरह का व्यवधान नहीं हुआ।
किसी स्थान से किसी अप्रिय घटना की भी खबर नहीं है। जिन मतदान केंद्रों पर
झड़पें हुईं वह पहले से ही संवेदनशील श्रेणी में शुमार थे। ऐसे में यहां
सुरक्षा के अतिरिक्त बंदोबस्त किए गए थे।