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शिक्षिका बनीं डीएम ने बच्चों को पढ़ाया

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निरीक्षण के दौरान डीएम ने बच्चों से पूछे सवाल। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। परिषदीय स्कूल की शिक्षा की स्थिति जाने के लिए बुधवार को डीएम इटौआ गांव पहुंचीं। उन्होंने वहां के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों से बात की, साथ ही एक अध्यापिका की तरह बच्चों को पढ़ाया। उन्होंने कहा कि कोई सवाल न समझ में आए तो बार-बार टीचर से पूछें। वह आपको तब तक बताएंगे, जब तक आपको समझ न आ जाए। उन्होंने कहा कि अपने अंदर के डर को दूर करें।
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डीएम ने कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में खास होता है। सभी की काबिलियत एक जैसी नहीं होती, लेकिन सब में कोई न कोई खास गुण जरूर होता है। इसलिए सभी बच्चे खास हैं।
उन्होंने विद्यालय की रसोई में रखे मसाले व अन्य सामग्री की गुणवत्ता देखने के साथ वैधता और कार्यालय में उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया। बच्चों की संख्या कम होने पर नाराजगी व्यक्त की।
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डीएम दीपा रंजन ने बीएसए डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह के साथ ब्लॉक उझानी के प्राथमिक विद्यालय इटौआ व उच्च प्राथमिक विद्यालय दहेमू का औचक निरीक्षण किया। यहां पर बच्चों की उपस्थिति कम पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था में सुधार करें। इसके साथ ही बच्चों की रुचि के अनुसार उन्हें खेलों में भी शामिल करें।
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फोटो-10
वृद्धाआश्रम पहुंचीं डीएम, जाना बुजुर्गों का हाल
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से कैंप भी लगाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं/ उझानी। डीएम दीपा रंजन ने जिला समाज कल्याण अधिकारी राम जनम के साथ बुधवार को कछला स्थित नवजीवन वृद्धाआश्रम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम ने आश्रम में भोजनालय कक्ष, लाइट, शौचालय, पानी आदि की व्यवस्थाओं को भी चेक किया। उन्होंने शौचालय में विशेष रूप से सफाई के निर्देश दिए। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केद्र की ओर से स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया।
डीएम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि वृद्धाआश्रम में 20 पुरुष व 15 महिलाएं समेत कुल 35 वृद्धजन हैं। डीएम ने उने साथ बैठकर स्वास्थ्य सहित अन्य जानकारियां ली। डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन वृद्धजनों को पेंशन नहीं मिल रही है, उनको दिलाने की कार्रवाई पूरी की जाए। कासगंज के व्यक्तियों के लिए समाज कल्याण विभाग कासगंज को पत्र लिखा जाए। प्रत्येक 15 दिनों के अंतराल पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन होता रहे, जिसमें आयुर्वेद चिकित्सकों को भी बुलाया जाए। कैंप में आंखों का इलाज भी होता रहे और चश्में भी बनें। इस दौरान पीएचसी प्रभारी महेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य शिविर भी लगाकर बुजुर्गो का स्वास्थ्य परीक्षण और दवाओं का वितरण किया गया।
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