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आसफपुर में बिना मान्यता के चल रहा स्कूल, एक लाख का जुर्माना

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आसफपुर मे देवनागरी विद्यापीठ स्कूल का भवन।संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। आसफपुर में बिना मान्यता के चल रहे स्कूल को बीएसए ने निरीक्षण के दौरान पकड़ लिया। उन्होंने संचालक पर एक लाख का जुर्माना डालकर बीईओ को निर्देशित किया है कि अगर विद्यालय बंद न हो तो अब कड़ी कार्रवाई की जाए।
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बीएसए डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को ब्लॉक आसफपुर के परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान देवनागरी विद्यापीठ पब्लिक स्कूल को चेक किया तो वहां पर प्रबंधक राघवेंद्र शर्मा और प्रधानाचार्य अमरपाल मौजूद मिले। बीएसए ने उनसे मान्यता के अभिलेख मांगे। इस पर प्रबंधक ने बताया कि उनके विद्यालय की मान्यता नहीं है। ऐसे में बीएसए ने उन पर एक लाख रुपये अर्थदंड डालते हुए राजकोष में जमा करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि यहां पर पढ़ने वाले सभी बच्चों का दाखिला परिषदीय स्कूल में कराएं। कहा कि अगर प्रबंधक द्वारा स्कूल बंद न किया जाए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने इसके अलावा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का भी निरीक्षण किया। वहां सब कुछ सही मिला। ब्लॉक संसाधन केंद्र में गंदगी मिलने पर नाराजगी व्यक्त की।
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बीईओ को नहीं मालूम, कितने स्कूल हैं उनके क्षेत्र में
जिले में कितने स्कूल संचालित है, किन स्कूलों की मान्यता है और कितने बिना मान्यता के चल रहे हैं, इसके बारे में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को जानकारी नहीं है। ऐसा ही मामला ब्लॉक आसफपुर का है। यहां बीएसए को बिना मान्यता के एक स्कूल चलता मिला, लेकिन ब्लॉक आसफपुर के बीईओ उमेश त्रिपाठी को आज तक इस स्कूल के बारे में भनक तक नहीं लगी।
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एक स्कूल बिना मान्यता के संचालित होता हुआ मिला है। संचालक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अगर विद्यालय बंद नहीं होता है तो प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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-डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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