बदायूं। शेखूपुर में स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में सोमवार को डीएम कुमार प्रशांत ने औचक निरीक्षण किया। वहां पर डीएम को काफी अव्यवस्थाएं मिली, साथ ही पता चला कि डीसी कस्तूरबा द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण भी नहीं किया जाता है। डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए डीसी (जिला समन्यवय) का वेतन रोकने के आदेश दिए।, साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता ठीक नहीं मिलने पर शिक्षिकाओं को चेतावनी देते हुए अतिरिक्त कक्षाएं लगाने का कहा। छात्राओं की संख्या कम मिलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शत प्रतिशत छात्राओं की उपस्थिति होनी चाहिए।
सोमवार को डीएम ने बीएसए रामपाल सिंह राजपूत के साथ कस्तूरबा विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने रसोई में जाकर व्यवस्थाओं को देखा तो रसोई गंदी मिली। उन्होंने भोजन और राशन सामग्री की गुणवत्ता को भी परखा। कहा कि राशन सामग्री ब्रांडेड और सील पैक्ड होनी चाहिए। सभी कस्तूरबा विद्यालयों में सीसीटीवी, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, आरओ भी अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। डीएम ने बालिकाओं से गिनती, पहाड़े, कविताएं आदि सुने तो कुछ बच्चे नहीं सुना सके। डीएम ने शिक्षकों की कड़ी फटकार लगाते हुए शिक्षण व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी। कहा कि इसके लिए अतिरिक्त क्लास लगायी जाएं। बच्चों को 20 तक पहाड़े अनिवार्य रूप से याद होना चाहिए। विद्यालय में बच्चों को सीखने के लिए लगाया कंप्यूटर भी खराब पाया गया, साथ ही पता चला कि डीसी जितेंद्र सिंह विद्यालयों को रूटीन चेक नहीं करते हैं। ऐसे में डीएम ने कहा कि डीसी नियमित रूप से निरीक्षण करें, साथ ही उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। विद्यालय की टूटी फर्श, छत से गिरता प्लास्टर और सीलन देखकर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। विद्यालय में 100 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ 52 छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। डीएम ने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।