सरकार ने की वादाखिलाफी तो होगा उग्र आंदोलन
पंद्रह दिन तक ऐसे ही करेंगे धरना-प्रदर्शन
समायोजन रद्द होने के बाद आंदोलित शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को स्कूलों में शिक्षण कार्य किया। बाद में उन्होंने मालवीय आवास पर पहुंचकर धरना दिया। शिक्षामित्रों ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने 15 दिन के अंदर उनकी समस्या के समाधान की बात कही है। यदि इसके बाद भी सरकार की ओर से वादा खिलाफी होती है तो फिर से उग्र आंदोलन किया जाएगा।
यहां बता दें कि समायोजन रद्द होने के बाद पूरे प्रदेश में शिक्षामित्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया। दो दिन पहले सूबे के मुख्यमंत्री ने आंदोलित शिक्षामित्रों को पंद्रह दिनों के अंदर समस्या का समाधान किए जाने की बात कहीं थीं। इसी पर शिक्षामित्रों ने आंदोलन को स्थगित कर दिया। जिले भर में बृहस्पतिवार को शिक्षामित्रों ने अपने स्कूलों में पहुंचकर शिक्षण कार्य किया। दोपहर दो बजे के बाद शिक्षामित्रों ने मालवीय आवास पर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया।
इस मौके पर आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष निर्भान सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्रों को 15 दिनों के अंदर समस्या का समाधान करने की बात कही है। यदि सरकार द्वारा वादाखिलाफी की जाती है तो फिर से उग्र आंदोलन किया जाएगा। कहा कि 15 दिनों तक विद्यालय समय के बाद धरना दिया जाता रहेगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई सहायक अध्यापक का पद लेने तक जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के पदाधिकारियों की शासन स्तर पर लगातार वार्ता चल रही है। जिनका एरियर बकाया है उन्हें जल्द ही दिलाया जाएगा। इस पर भी संगठन काम कर रहा है। सभी से एकजुट रहने का आह्वान किया गया।
धरना देने वालों में रवेंद्र सिंह, राजीव कुमार सिंह, संतराम शर्मा, केपी शाक्य, कृष्णपाल सिंह, नीरज, अरुण तोमर, अमित शर्मा, नन्ही देवी, मृदुलेश, फूलबानो, मनोज, राजीव श्रीवास्तव, चरन सिंह, वीना सिंह, अर्चना शर्मा आदि थे।
सभी शिक्षामित्र जहां तैनात थे वहीं पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। शासन से कोई नया आदेश नहीं है।
-पीसी यादव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी