राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले में नामजद बदायूं की तत्कालीन सीएमओ डॉ. कलावती, एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा स्वास्थ्य विभाग के आठ बाबू और फार्मासिस्ट के बयानों के आधार के साथ रिकार्ड में मिली गड़बड़ी से फंस गई हैं। मामले में जांच कर रही सीबीआई ने डॉ. कलावती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सूत्रों की मानें तो कुछ और लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हो सकती है।
एनआरएचएम में वर्ष 2005 से 2011 के बीच सूबे के कई जिलों में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ था। इनमें बदायूं भी शामिल है। मामले में जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने स्वास्थ्य विभाग के आठ बाबू और फार्मासिस्ट से कई बार देहरादून मुख्यालय में पूछतांछ की। रिकार्ड की पड़ताल के बाद जांच एजेंसी ने माना कि तत्कालीन सीएमओ परिवार कल्याण कलावती की तैनाती के वक्त 2011 में बदायूं में दवा खरीद में घोटाला हुआ था। इसके बाद तत्कालीन सीएमओ डॉ. कलावती और एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
सूत्रों की मानें तो सीबीआई आरबी लाल, शिशुपाल सिंह, विजय कुमार, वेद गंगवार, राजेश राय, रफत हुसैन, सुरेश चंद्र और अनुराग सपरा से फिर से पूछताछ कर सकती है। घोटाला बड़ा भी हो सकता है। यह मामला सिर्फ दवा खरीद का है। जननी सुरक्षा योजना, चिकित्सा उपकरणों की खरीद और निर्माण कार्य इससे अलग हैं।