बदायूं। इस समय जहां संक्रमित बीमारियों ने लोगों को घेर रखा है तो वहीं महिला अस्पताल के डॉक्टरों को लेटलतीफी की बीमारी लगी हुई है। ऐसे में इलाज की व्यवस्था भगवान भरोसे है। मरीज दूरदराज से अस्पताल समय से पहले पहुंच जाते हैं पर डाॅक्टर अपने आवास से तक नहीं निकल पाते। सोमवार को भी 11:52 बजे तक कुछ डाॅक्टरों की कुर्सी खाली पड़ी रही। ओपीडी के बाहर कतार लगाकर मरीज उनका घंटों तक इंतजार करते रहे।
इस समय संक्रमित बीमारियों की वजह से हर घर में बुखार के मरीज हैं। परेशान मरीज जैसे-तैसे हिम्मत कर अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन यहां डॉक्टरों का घंटों तक इंतजार उन्हें और दर्द दे रहा है। समय की बात करें तो दस बजे तक डाॅक्टरों को ओपीडी में पहुंचना होता है लेकिन सोमवार को 11:52 बजे तक महिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ संदीप वार्ष्णेय और स्त्री रोग विशेषज्ञ नाजिया खान ओपीडी नहीं पहुंची।
हर बार चार घंटे तो करना पड़ता है इंतजार : अस्पताल में शाहजहांपुर के कलान क्षेत्र से आई रूबीना बेगम ने बताया कि जैसे-तैसे डग्गामार वाहनों के सहारे जिला अस्पताल में दस बजे पहुंच सके। उन्हें अपनी पुत्रवधू को महिला डाॅक्टर को दिखाना था लेकिन यहां पौने बारह बजे तक डाॅक्टर ओपीडी में नहीं पहुंची। जरीफनगर क्षेत्र से आई शीतल ने बताया कि उनका महिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वह जब भी दवा लेने आती हैं, उन्हें चार घंटे से पहले दवा नहीं मिल पाती।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. इंदुकांत ने बताया कि सुबह दस बजे सभी डाॅक्टर आ जाते हैं। सबसे पहले वार्ड में भर्ती मरीजों को देखा जाता है, उसके बाद ही ओपीडी में बैठते हैं। महिला डाॅक्टर कभी-कभी ऑपरेशन में फंस जाती हैं। यही कारण है कि कभी-कभी ओपीडी में डाॅक्टर देरी से पहुंच पाते हैं।