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डीएम ने सीडीओ और एडीएम एफआर को सौंपी सीएमओ के मामले की जांच

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बदायूं। जिले में एक दिन पहले वायरल हुए कमीशनखोरी के वीडियो के मामले में सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह लगातार घिरते नजर आ रहे हैं। मामले में डीएम दीपा रंजन ने सीडीओ और एडीएम एफआर को जांच सौंपी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जल्द जांच कर रिपोर्ट दें, जिससे अगली कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
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बुधवार को सीएमओ कार्यालय के निलंबित डीपीएम (जिला कार्यक्रम प्रबंधक) कमलेश शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह गुजरात की हाइजीन कंपनी से डील करते नजर आ रहे थे। उसमें उन्होंने सीएमओ को भी फोन किया था। उन्होंने कहा कि कंपनी के लोग आ गए हैं। इनसे क्या कहना है। इस पर सीएमओ शर्त के मुताबिक बात करने को कहते हैं। कमलेश शर्मा खुद उनसे 20 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं लेकिन कंपनी के अधिकारी 15 प्रतिशत पर अड़े हुए थे। आखिर में कमीशन 18 प्रतिशत तय हो गया। इस दौरान कंपनी के अधिकारियों ने एक बार फिर सीएमओ से बात करने की मांग की लेकिन कमलेश शर्मा ने मना कर दिया। उन्होंने ये भी स्वीकारा कि विभागीय डील या तो वह करते हैं या फिर एसीएमओ डॉ. केके जौहरी करते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। बृहस्पतिवार को डीएम दीपा रंजन ने सीडीओ निशा अनंत और एडीएम एफआर नरेंद्र बहादुर सिंह को जांच सौंपी। उन्होंने इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इसके अलावा दातागंज के एक व्यक्ति ने वायरल वीडियो के मामले में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जानने के लिए जब सीएमओ को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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शाहजहांपुर से निलंबित हुए थे डीपीएम
- स्वास्थ्य विभाग में डीपीएम का काम देख रहे कमलेश शर्मा शाहजहांपुर जिले से निलंबित हैं। बताते हैं कि जिस तरह से कमलेश शर्मा यहां कमीशन मांग रहे थे। उसी तरह की एक शिकायत शाहजहांपुर जिले में भी हुई थी। इसी दौरान कमलेश शर्मा का ट्रांसफर बदायूं हो गया। उसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद उन्हें डीपीएम बना दिया गया। सारे अधिकार उन्हें दे दिए गए। इसमें बताया जा रहा है कि सीएमओ की मिलीभगत से ही उन्हें चार्ज दिया गया था। तब से लेकर अब तक काम कर रहे हैं।
मुख्य सचिव ने मांगी एसीएमओ की सूची
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बदायूं में तैनात वरिष्ठ एसीएमओ की सूची मांगी है। बताया जा रहा है कि ये सूची डीएम स्तर से भेजी गई है। एक सूची स्वयं सीएमओ ने भेजी है। इसमें एससीएमओ डॉ. मंजीत सिंह का नाम शामिल करने की बात सामने नहीं आई है। इस सूची में डॉ. केके जौहरी का नाम शामिल है। जबकि उनका ट्रांसफर पीलीभीत को कर दिया गया है लेकिन सीएमओ ने उन्हें अभी तक रिलीव नहीं किया है।
सीएमओ ने दो एसीएमओ को जांच सौंपी
- वीडियो वायरल होने के मामले में एक जांच खुद सीएमओ ने भी सौंपी है। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह ने एक पत्र जारी कर एसीएमओ डॉ. केके जौहरी और एसीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार को जांच सौंपी है। उन्होंने दोनों एसीएमओ को एक सप्ताह का समय दिया है।
- बुधवार को जो वीडियो वायरल हुआ है, उसकी सीडीओ और एडीएम एफआर की अध्यक्षता में जांच सौंपी गई है। सीएमओ द्वारा भी एक जांच सौंपने का मामला सामने आया है लेकिन उनके द्वारा जांच कराना गलत है। इसमें जो भी सच्चाई सामने आएगी। उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- दीपा रंजन, डीएम
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