यज्ञ पूजन ही नहीं, छंछ और देवी जागरण की रही धूम
मठ-मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लगी रही भीड़
नगला देवी शक्ति पीठ में बड़ी संख्या में लोगों पूजा-अर्चना की। मंदिरों में भक्तों को लाइन लगानी पड़ी अधिक लंबी लाइन होने के कारण देवी उपासकों को काफी प्रतीक्षा करनी पड़ी। देवी भक्तों ने तीसरे दिन चतुर्थ देवी मां कूष्मांडा की विशेष पूजा पाठ की। अपने आसपास देवी मंदिरों में जाकर मां का आशीर्वाद लिया। घरों में देवी स्थल बनाकर पूजा, भोग और आरती के कार्यक्रम होते रहे। महिलाओं ने देवी छंद गाकर मां को रिझाया तो जगह-जगह देवी जागरण भी हुए। तमाम परिवारों में घट स्थापित कर पूरे नवरात्र उपवास के साथ मां नवरात्र की आराधना की जा रही है। धूप, दीप, नैवैद्य आदि से पूजा कर देवी को मनाया जा रहा है।
नवरात्र पर नव दुर्गा के चौथे स्वरूप कूष्मांडा की पूजा अर्चना की गई। पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की मंदिरों में सुबह और शाम भारी भीड़ रही। शहर के नगला मंदिर में तीसरे दिन भी भोर से ही लाइनें लग गईं। नगला मंदिर देवी शक्ति पीठ के रूप में जाना जाता है। शहर के विभिन्न देवी मंदिरों में भी अनुष्ठान और पूजन हुए। इस घंटा ध्वनि गूंजती रही। शहर ही नहीं देहात में भी देवी मठ-मंदिरों में पूजा-अर्चना और आरती आदि धार्मिक आयोजन होते रहे। देवी के विभिन्न रूपों की पूजा कर लोगों ने परिवार के कल्याण के लिए प्रार्थना की। शहर के सभी मंदिरों में देवी मां के विग्रहों पर भीड़ रही।
देहात में ग्रामीण महिलाओं ने गवां देवत (ग्राम देवता) मंदिरों और मठों पर जाकर देवी की पूजा की। गांवों में महिलाएं एक लोटा जल, लोग और बताशे से परंपरागत पूजा करती हैं। महिलाओं में देवी मां की पूजा और उपवास रखने की आस्था अधिक देखी गई।