बदायूं। जिला अस्पताल परिसर में बना मलेरिया वार्ड शनिवार को भरा मिला। कई मरीजों को स्टॉफ के लोगों ने वार्ड के बाहर लिटा दिया था। यहां पर लगे पंखे भी नहीं चल रहे थे। गर्म हवाओं से मरीज परेशान दिखाई दिए। इसके अलावा वार्ड में लगे चार कूलर भी बंद मिले।
गर्मी शुरू होते ही लोगों की सेहत में बुरा असर पड़ने लगा है। पानी की कमी के चलते लोग डायरिया, मलेरिया और टाइफाइड का शिकार हो रहे हैं। शनिवार को मलेरिया वार्ड के 12 बेड में मरीज भर्ती थे। इसके अलावा वार्ड के बाहर पड़े चार बेड भी फुल थे। वार्ड में भर्ती नजमा ने बताया कि वार्ड के बाहर पंखे नहीं चल रहे हैं।
इसके अलावा शरीर में गर्म हवा लगने से पसीना भी आ रहा था। इसी तरह भर्ती रेवती के पौत्र ने बताया कि पेट में दर्द व दस्त की वजह से इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। वहां से उन्हें मलेरिया वार्ड के बाहर लिटा दिया गया। उनके ऊपर लगा पंखा चल नहीं रहा था। इसी तरह वार्ड में हवा के लिए चार कूलर लगे हुए थे। इन सभी की घास गंदी थी। कोई चल भी नहीं रहा था।
स्टाफ के लोगों ने बताया कि कूलर के मोटर खराब है। सभी मोटर ठीक होने के लिए गए हैं। इसकी सूचना सीएमएस ने मांगी थी। फिजिशियन डॉ. अलंकार सिंह सोलंकी ने बताया कि गर्मी में गलत खान पान व कम पानी पीने की वजह से लोगों बीमार पड़ रहे हैं। हर दिन ओपीडी में 150 से ज्यादा मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इसमें बुखार, खांसी, पेट दर्द और डायरिया के मरीज शामिल हैं।
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नहीं दिखाई दिया ओआरएस कॉर्नर
जिला अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर मलेरिया वार्ड तक कहीं भी ओरआरएस कॉर्नर दिखाई नहीं दिया। जबकि शासन के आदेश पर यह काम होगा था।
कई सीएचसी में हीट वेब से लड़ने के पर्याप्त इंतजाम नहीं
ककराला सीएचसी में न ही कूल वार्ड बना है और न ही ठंडे पानी की व्यवस्था है। केवल आरओ बाहर लगा हुआ है, इसमें नार्मल पानी आ रहा था। कर्मचारियों ने महिला वार्ड को कूल वार्ड बनाए जाने की बात कही, उसमें चार बेड पड़े हैं। इसी तरह उझानी सीएचसी में ओआरएस कॉर्नर नहीं बनाया गया है।
जिला अस्पताल में जगह-जगह खुले पड़े हैं बिजली के तार
जिला अस्पताल में बिजली के तार जगह-जगह खुले पड़े हुए हैं। मरीज भी इन तारों के बगल में ही खड़ा होता या फिर बैठता है। अगर किसी दिन कोई व्यक्ति करंट की चपेट में आया तो बड़ा हादसा होना तय है। जबकि कुछ माह पहले शासन ने खुले तारों और फायर उपकरणों के क्रियाशील होने की रिपोर्ट मांगी थी।
कूलरों को ठीक कराया जा रहा है। गर्मी में डायरिया से जुड़े मरीजों की संख्या बड़ी है। सभी का उपचार किया जा रहा है। मरीज को वार्ड से बाहर लिटाने की जानकारी नहीं है।
-डॉ.कप्तान सिंह, सीएमएस
मलेरिया के वार्ड के बाहर भर्ती मरीज व स्वीच बोर्ड से निकले तार। संवाद