बदायूं। होली के दौरान किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है, जबकि एक डॉक्टर को ऑन कॉल ड्यूटी पर रखा गया है।
होली के दौरान रंग-गुलाल, केमिकल युक्त रंगों, हुड़दंग और सड़क दुर्घटनाओं के कारण आंखों में जलन, त्वचा एलर्जी, चोट लगने और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बढ़ जाती है। इन्हीं आशंकाओं के मद्देनजर जिला अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इमरजेंसी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को परेशानी न हो।
सीएमएस ने बताया कि जिला अस्पताल में दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके साथ ही आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों की भी जांच कर ली गई है, ताकि इलाज के दौरान किसी प्रकार की कमी न रहे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक वार्ड को पूरी तरह से खाली रखा गया है। ताकि जरूरत पड़ने पर अधिक संख्या में मरीजों को भर्ती किया जा सके।
इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल कर्मचारियों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी कर्मचारियों को निर्देश हैं कि वे अपनी ड्यूटी समय से निभाएं। किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि होली के दौरान सावधानी बरतें। रासायनिक रंगों के स्थान पर प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें। नशे की हालत में वाहन न चलाएं। बच्चों पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल से संपर्क करें।
अपनी ओर से तैयारी पूरी करा दी गई है, ताकि होली पर अगर कोई मरीज जिला अस्पताल पहुंचे तो उसको तुरंत ही इलाज मुहैया कराया जा सके। -अमित वार्ष्णेय, सीएमएस