-करोड़ों रुपये के सफाई उपकरणों का इस्तेमाल नहीं
शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही। नगर पालिका में करोड़ों रुपये के सफाई उपकरण धूल फांक रहे हैं। तमाम सफाई उपकरण तो कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। सफाई कर्मचारियों की भारी-भरकम फौज होने के बाद भी सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही।
शहर में 29 वार्ड हैं। इनमें कई मोहल्लों में स्थिति काफी बदतर हो गई है। नाले-नालियां चोक होने की वजह से जल भराव बना रहता है। नियमित सफाई कर्मचारियों के न आने की वजह से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। बता दें कि सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए नगर पालिका ने करीब दो करोड़ रुपये की लागत से रिक्शे, हत्थू ठेला समेत कई सफाई उपकरण खरीदे थे। कुछ उपकरण नगर पालिका के परिसर में ही कबाड़ हो रहे हैं। जबकि कुछ उपकरण वाटर वक्र्स कैंपस में कबाड़ हो रहे हैं। इनका इस्तेमाल ही नहीं हो रहा। सालों से खुले में पड़े रहने की वजह से काफी उपकरणों को जंक खा गई है