बदायूं। आंधी-बारिश के बीच सड़कों के किनारे खड़े जर्जर भवन लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। अगर 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार में आंधी आई तो नगर निकायों में चिह्नित जर्जर भवन गिर सकते हैं। इसमें भारी जान-माल का नुकसान संभव हो सकता है।
जिले के फैजगंज बेहटा क्षेत्र के गांव सीकरी में एक जून को दीवार गिरने से संतोष कुमारी की मौत हो गई थी। बावजूद इसके जिले में जर्जर भवनों को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। नगर निकायों से लेकर प्रमुख मार्गों पर कई ऐसे भवन मौजूद हैं, जिनकी दीवारों और छतों में बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं।
बदायूं नगर पालिका की ओर से कुछ भवन स्वामियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद कुछ लोग जर्जर मकानों की मरम्मत करा रहे हैं, लेकिन अब भी कई जर्जर भवन जस के तस खड़े हैं।
शहर के चौबे मोहल्ला में दीवार गिरताऊ, सुभाष चौक पर दो मकान स्वामियों, खड़सारी और चक्कर की सड़क पर एक-एक मकान स्वामियों को नोटिस पिछले माह दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने मकानों को सही कराने का काम शुरू कर दिया है।
हलवाई चौक के पास जर्जर है भवन
शहर में हलवाई चौक पर एक जर्जर भवन है। आंधी-बारिश में गिरने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। पालिका प्रशासन के अनुसार, दो लोगों में आपसी विवाद है, जिसकी वजह से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में पालिका की ओर से इनको नोटिस नहीं दिया गया है। परशुराम चौक पर भी एक आधी टूटी दुकान है। इस पर भी विवाद चल रहा है।
जर्जर भवन होने के बाद भी नहीं दिया नोटिस
उझानी, दातागंज नगर पालिका, कछला नगर पंचायत आदि में कई जर्जर भवन हैं, लेकिन नगर निकायों की ओर से कोई सर्वे का काम नहीं कराया गया है, जिसकी वजह से आज भी जर्जर भवन नगरों में स्थित हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। इससे जनहानि हो सकती है।
सभी नगर निकायों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने-अपने यहां पर जर्जर भवनों का सर्वे कराएं, ताकि जो जर्जर हों, उनको तुड़वाया जा सके। - अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन
उझानी में जर्जर भवन। संवाद- फोटो : हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुआ आटो
उझानी में जर्जर भवन। संवाद- फोटो : हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुआ आटो