बदायूं। डेंगू और बुखार से तीन और लोगों की मौत हो गई। इस बीच डेंगू के 19 नए रोगी भी मिले हैं। मलेरिया के पांच और फैल्सीपेरम का भी एक रोगी मिला है। गंभीर हालत में डेंगू पीड़ित 55 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शहर के साथ उझानी, जगत, दातागंज, वजीरगंज ब्लॉक सर्वाधिक डेंगू प्रभावित श्रेणी में रखे गए हैं। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की ओर से मंगलवार को जिले में 23 स्थानों पर कैंप का आयोजन कर लोगों की जांच और दवाओं का वितरण किया गया। इस दौरान मलेरिया के पांच और फैल्सीपेरम का एक रोगी मिला।
मंगलवार को 468 बुखार पीड़ितों की एलाइजा जांच कराई गई। इनमें 19 लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई। इसके साथ ही जिले में डेंगू के सक्रिय रोगियों की संख्या बढ़कर 299 हो गई है। एक सितंबर से अब तक जिले में डेंगू के 346 रोगी मिल चुके हैं। काफी संख्या में लोगों की मौत भी हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग डेंगू से अब तक सिर्फ एक मौत की बात स्वीकार कर रहा है।
इस बीच कछला के वार्ड नंबर छह के रहने वाले शंकर दयाल पुत्र नरेशपाल की सोमवार रात बरेली के एक अस्पताल में मौत हो गई। उनको तीन दिन पहले बुखार आया था। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां जांच में उनको डेंगू की पुष्टि हुई थी। सोमवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कादरचौक ब्लॉक के गांव मोहम्मदगंज और बेहटा डंबरनगर में भी बुखार और डेंगू का प्रकोप है। यहां भी दो लोगों की बुखार से मौत हुई है। मोहम्मतगंज निवासी मुकेश की पत्नी माया को बुखार आ रहा था। परिवार वाले निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। इलाज के दौरान माया की मौत हो गई।
बेहटा डंबरनगर निवासी तौहीद के आठ वर्ष के बेटे सलमान को भी तीन दिन से बुखार आ रहा था। इलाज के दौरान सलमान की भी मौत हो गई।
दो महीने में 50 से ज्यादा लोगों की हो चुकी है बुखार-डेंगू से मौत
स्वास्थ्य विभाग निजी लैब की जांच रिपोर्ट को नकारता आ रहा है। दूसरी ओर निजी पैथोलॉजी लैब बुखार पीड़ितों को लगातार डेंगू की पुष्टि कर रही हैं। लोगों की मौतें भी हो रही हैं। दो महीने के दौरान बुखार और डेंगू से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हे।
बुखार और डेंगू से मौतों की बात करें तो उझानी के बसोमा में ही अब तक सबसे ज्यादा 10 लोगों की मौत हुई है। उझानी नगर के साथ ही बरामालदेव और संजरपुर में भी लगातार मौतें हो रही हैं। यहां शुक्रवार तक मौतों का आंकड़ा 14 तक पहुंच गया। सालारपुर ब्लॉक के शेरगंज, यूसुफपुर में भी चार लोगों की जान जा चुकी है। जगत के तुगलापुर, मूसाझाग, दातागंज के डहरपुर, समरेर और उसावां ब्लॉक के गांवों में भी बुखार और डेंगू से मौतें हो रहीं हैं। शहर से सटे नगला शर्की में आठ दिन के भीतर डेंगू से दो मौतें हो चुकी हैं। उघैती के खितौरा में हाल ही में दो महिलाओं की डेंगू से मौत हो गई। उसहैत, कादरचौक में भी बुखार से मौतें हुई हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में डेंगू से एक ही मौत दर्ज की गई है।
डेंगू की पुष्टि के लिए सिर्फ एलाइजा ही सबसे भरोसेमंद जांच है। एलाइजा जांच से ही डेंगू के बारे में पता लगता है। डेंगू के रोगी जरूर मिल रहे हैं, लेकिन डेंगू से मौतें नहीं हो रहीं। डेंगू पर काबू के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ