बदायूं। दातागंज थाना क्षेत्र के गांव पापड़ में ट्रैक्टर एजेंसी स्वामी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। उस पर ट्रैक्टर कंपनी का एक करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
थाना क्षेत्र के गांव पापड़ निवासी जितेंद्र यादव (42) पुत्र शिव सिंह की दातागंज से बरेली मार्ग पर ट्रैक्टर की एजेंसी है। बताया गया कि उन्होंने अपनी एजेंसी से कई किसानों को ट्रैक्टर उधार में दे दिए थे। इसके चलते जितेंद्र यादव पर ट्रैक्टर कंपनी का एक करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया था।
जितेंद्र के गांव में दो मकान हैं। गांव के अंदर वाले मकान में जितेंद्र अपने बच्चों और पत्नी के साथ रहते थे, जबकि गांव से बाहरी छोर पर बने मकान में इनके माता-पिता रहते थे। शुक्रवार सुबह उन्होंने गांव के बाहरी छोर पर बने मकान के कमरे में जाकर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। परिजन ने जब जितेंद्र के शव को फंदे से लटका देखा तो चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एजेंसी का दूसरा साझेदार जेल में
ट्रैक्टर एजेंसी में जितेंद्र यादव समेत दो लोग साझेदार हैं। साझेदार लल्लाबाबू को पुलिस किसी व्यक्ति पर जानलेवा हमले के आरोप में जेल भेज चुकी है। ऐसे में पूरी ट्रैक्टर की एजेंसी की जिम्मेदारी जितेंद्र यादव पर आ गई थी। कर्ज के सभी रुपये का तगादा जितेंद्र पर हो रहा था। इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने शुरू में दावा किया था कि मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। जिस पर लिखा था कि ट्रैक्टर कंपनी के रुपये अब उसके साथ ही चले गए। इसलिए उसके परिजनों को परेशान नहीं किया जाए, लेकिन यह सुसाइड नोट किसी के सामने नहीं आया है। पुलिस ने भी सुसाइड नोट होने से इन्कार किया है।
मृतक पर ट्रैक्टर कंपनी का करीब एक करोड़ रुपये का कर्ज था। इसलिए उसने आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मृतक के पास से सुसाइड नोट नहीं मिला है। -गौरव विश्नोई, प्रभारी निरीक्षक दातागंज