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झोलाछाप के क्लीनिक में युवक की मौत, हंगामा, मारपीट

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बदायूं। झोलाछाप के इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। इस पर परिवार वालों ने हंगामा कर दिया और झोलाछाप के क्लीनिक पर काम करने वाले एक कर्मचारी की पिटाई कर दी। इससे अफरातफरी मच गई। झोलाछाप और कर्मचारी इससे पहले ही वहां से फरार हो गए। परिजनों ने बगैर किसी कार्रवाई के युवक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम हरनाथपुर निवासी राजकुमार (28) पुत्र महेश पाल को दो दिन पहले बुखार आया था। इस पर परिवार वाले उसे नगर के एक झोलाछाप के क्लीनिक पर ले गए, जहां झोलाछाप ने उसे भर्ती कर लिया। दो दिन तक झोलाछाप उसे ग्लूकोज चढ़ाता रहा। शनिवार रात अचानक युवक की हालत बिगड़ गई। इससे परिवार वाले भी परेशान हो गए। परिवार वाले कुछ कह पाते, उससे पहले झोलाछाप ने राजकुमार को बरेली ले जाने के लिए कह दिया। परिवार वाले युवक को बरेली ले जाने की तैयारी में थे कि तभी युवक ने क्लीनिक में दम तोड़ दिया। इससे परिवार वाले बिफर गए और उन्होंने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। उन्होंने क्लीनिक के एक कर्मचारी को भी पीट दिया। इससे क्लीनिक में अफरातफरी मच गई। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान झोलाछाप और क्लीनिक के कर्मचारी मौके से भाग गए। उसके बाद परिजन बगैर किसी कार्रवाई के शव अपने घर ले गए और रविवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया। फिलहाल परिवार वालों ने झोलाछाप के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है।
बालक की मौत पर झोलाछाप को हुई थी जेल
- नौ सितंबर 2018 को झोलाछाप के क्लीनिक में एक बालक की मौत हो गई थी। ग्राम गंज निवासी कुंभकर्ण ने अपने 12 वर्षीय बेटे शेर सिंह को भर्ती कराया था। उसके पेट में दर्द हो रहा था। झोलाछाप की लापरवाही से बालक की मौत हो गई तो परिवार वालों ने झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने झोलाछाप और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ समय पूर्व झोलाछाप और उसके पिता जमानत पर छूटकर आए हैं। अब झोलाछाप ने फिर से क्लीनिक चलाना शुरू कर दिया।
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139 झोलाछापों पर हो चुकी है एफआईआर
- डीएम दिनेश कुमार सिंह के आदेश पर कुछ समय से स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाए हुए है। जिले में अब तक 139 झोलाछापों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। इसके बावजूद झोलाछापों का मकड़जाल खत्म नहीं हो रहा है।
कुंवरगांव में किस झोलाछाप के यहां युवक की मौत हुई है, अभी मेरे पास कोई सूचना नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो ठीक, नहीं तो वह स्वयं झोलाछाप के बारे में पता करके कार्रवाई कराएंगे।
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डॉ. मंजीत सिंह, एसीएमओ
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