बदायूं। नवरात्र के दौरान व्रत रखने वालों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए यह समय अधिक संवेदनशील होता है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक भूखे रहने और पानी कम पीने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। जिससे मां और गर्भस्थ शिशु दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
जिला महिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राबिया ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान शरीर को पर्याप्त पोषण और पानी की जरूरत होती है। ऐसे में विशेषकर पांच माह की गर्भवती महिलाओं को व्रत नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे कमजोरी, चक्कर आना, ब्लड प्रेशर गिरना और अन्य जटिलताएं हो सकती हैं। उन्होंने सलाह दी कि यदि कोई महिला व्रत रखना चाहती भी है, तो वह डॉक्टर की सलाह लेकर ही निर्णय ले और लंबे समय तक खाली पेट न रहे। समय-समय पर फल, जूस और पानी का सेवन करती रहे, ताकि शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी न हो। डॉ. राबिया ने यह भी बताया कि गर्भवती महिलाओं को पपीता जैसे फलों से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये कुछ परिस्थितियों में गर्भ पर असर डाल सकते हैं।