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Cyber Crime: 'इंस्पेक्टर बोल रहा हूं... ड्रग्स के साथ पकड़ा गया है तेरा बेटा', छात्र के पिता से मांगे रुपये

Sat, 06 Apr 2024 04:59 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

साइबर ठग खुद को पुलिस अफसर बताकर लोगों की साइबर ठगी के जाल में फंसा रहे हैं। बदायूं में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जालसाज ने एक व्यक्ति के नंबर पर कॉल किया और खुद को इंस्पेक्टर बताया। उसने व्यक्ति के बेटे को ड्रग तस्करी में गिरफ्तार करने की बात कहकर ठगने का प्रयास किया। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हैलो, मैं इंस्पेक्टर बोल रहा हूं... तुम्हारा बेटा ड्रग्स की तस्करी करते पकड़ा गया है। उसके पास से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुआ है। इसके साथ चार और लड़के पकड़े गए हैं। जब थर्ड डिग्री इस्तेमाल की जाएगी तो यह बताएगा कि ड्रग्स कहां से लाता था और कहां सप्लाई कर रहा था। यह सुनकर बदायूं निवासी छात्र के पिता रामशरण गुप्ता के होश उड़ गए। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अभय राज, जम्मू स्थित वैष्णो माता यूनिवर्सिटी में बीटेक का छात्र है। वह आपको कहां से मिल गया, वह तो जम्मू कश्मीर में पढ़ाई कर रहा था। यह सुनते ही कॉलर बौखला गया और उसने गालीगलौज की। 

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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कल्यान नगर निवासी रामशरण गुप्ता के मोबाइल फोन पर शुक्रवार सुबह 10:45 बजे अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाला बोला, आप रामशरण गुप्ता बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा- हां। क्या आपका बेटा अभयराज है। उन्होंने कहा, जी हां। कॉलर बोला कि मैं इंस्पेक्टर बोल रहा हूं। दरअसल आपका बेटा ड्रग्स की तस्करी करता पकड़ा गया है। इसके साथ चार और भी लड़के पकड़े गए हैं। यह ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे। इनके पास से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुआ है। 

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छात्र के पिता को कार्रवाई का डर दिखाया 
रामशरण गुप्ता बोले कि हमारा बोटा जम्मू में वैष्णो माता यूनिवर्सिटी में बीटेक कर रहा है। वह तो पढ़ाई करने गया है। ड्रग्स तस्करी में कैसे पकड़ा गया। यह सुनकर कॉल करने वाले ने रौब जमाया और उन्हें डराने की कोशिश की। बोला कि अभी उसके खिलाफ कार्रवाई करता हूं। तब तुम्हें समझ में आएगा। अगर इसका भला चाहते हो तो फौरन कॉल कटे बिना उसके खाते में एक लाख रुपये डाल दो। 

रामशरण गुप्ता ने कहा कि इतने रुपये मेरे पास नहीं है। वह बोला कि चलो 50 हजार डालो, 50 हजार बाद में डाल देना। रामशरण ने 50 हजार रुपये भी देने में असमर्थता जताई तो वह 30 हजार पर आ गया। तब तक उनके परिवार वालों ने अभय राज से बात कर ली। तब उन्हें पता चला कि यह कोई ठग है। जिससे वह ठगी से बच गए। इस संबंध में उन्होंने पुलिस से शिकायत नहीं की गई है।
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