बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित आर्य समाज यज्ञ मंदिर में साप्ताहिक सत्संग हुआ।
वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा कि आज प्रसन्नता दिवस है। भगवान ने हम सबको हंसने और मुस्कुराने की कला दी है। हमें हर हाल में प्रसन्न रहना चाहिए क्योंकि प्रसन्न व्यक्ति ही पुण्य बांटता है।
उन्होंने कहा कि जैसे गुलाब का फूल हर हाल में मुस्कुराता है। कांटे भी उसे चुभते हैं फिर भी वह मुस्कुराना नहीं छोड़ता। उसी प्रकार चाहे सुख हो, दुख हो, हानि हो, लाभ हो, मान हो, अपमान हो, व्यक्ति को सदैव प्रसन्न रहना चाहिए।
आर्य समाज के मंत्री अगरपाल सिंह ने कहा कि मनुष्य यदि आत्मा के स्तर पर जिये तो वह संत हो जाता है, वह अपने देश के लिए और मानवता के लिए अपने प्राणों का भी हवन कर सकता है।
प्रज्ञा आर्य ने कहा कि हम सब हंसते हुए अच्छे लगते हैं पर ध्यान रहे हम कभी किसी कमजोर पर न हंसें। इस मौके पर प्रश्रय आर्य, सूरजवती देवी, गुड्डो देवी, किरन रानी, ईशा आर्य, भावना रानी, तानिया रानी आदि मौजूद रहे। संवाद