बिल्सी। गांव रायपुर बुजुर्ग में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन हरियाणा के पलवल से पधारे कथावाचक ओमप्रकाश हंगामा ने यहां भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाकर सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बताया कि प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। यह बात उनके पिता हिरणाकश्यप को बर्दाश्त नही थी। वह स्वयं को ईश्वर मानता था। उसने प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका की मदद ली। होलिका को भगवान शंकर से वरदान में एक ऐसी चादर मिली थी जिसे ओढ़ने पर अग्नि उसे जला नहीं सकती थी। होलिका उस चादर को ओढ़कर और प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई। वह चादर उड़कर प्रह्लाद के ऊपर आ गई और प्रह्लाद की जगह होलिका आग में भस्म हो गई। प्रह्लाद आज भी पूरी दुनिया में विष्णु भक्त के नाम से पुकारे जाते है। उन्होंने कथा में अन्य प्रसंगों को सुनाते हुए कहा कि भागवत कथा समाज में छिपी कुरीतियों को दूर करने का संदेश देती है। लोगों को कथा जरूर सुननी चाहिए। इस मौके पर विदुषि किरण आर्य, धर्मपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह, राजकिशोर सिंह, जयवीर सिंह, गजराज सिंह, शंभू सिंह तोमर, चरण सिंह, अशोक पाल, विशाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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भागवत कथा : हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’
बिसौली। गांव पिंदारा में चल रही भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर पूरा पंडाल ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के स्वर से गूंज उठा।
कथावाचिका अंबिका देवी ने कहा कि कन्हैया के जन्म पर नंदबाबा ने खुश होकर गाय, वस्त्र और आभूषण दान किए। भगवान श्रीकृष्ण ने सबसे पहले पूतना का उद्धार किया। पूतना वध से भयभीत कंस ने तृणावृत व शकटासुर जैसे दानवों को कन्हैया को मारने के लिए भेजा। अंबिका देवी ने माखन चोरी, दधिमंथन लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया।
इस दौरान आचार्य कृष्णकांत मिश्रा, सुमित मिश्रा, अरूण शर्मा, राहुल शर्मा, पंकज शर्मा, प्रमोद उपाध्याय, संजीव यादव, जुगनू यादव, राजेश यादव आदि उपस्थित रहे। संवाद