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Budaun News: ओलों-बारिश से बिछीं फसलें, अंधड़ ने उड़ाई बिजली

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बारिश के बाद गेहूं की फसल को दिखाता किसान। संवाद - फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।
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बदायूं/ उझानी। सुबह से मौसम साफ था। दोपहर बाद अचानक तेज धूल भरी आंधी शुरू हो गई। फिर बारिश के साथ ही कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने लगी। तेज हवा और बारिश से गेहूं का अधिकतर रकबा खेतों में गिर गया। तेज हवा से खेतों में कटी पड़ी सरसों उड़ गई। आसफपुर, नूरपुर पिनौनी और दबतोरी क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। आंधी के चलते जिले भर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
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ग्रामीण देहात में औसतन इलाकों की विद्युत आपूर्ति रात नौ से दस बजे तक बहाल कर दी गई। वहीं कटरी और उसावां क्षेत्र में कई पेड़ों के गिरने से यातायात बाधित रहा। शनिवार सुबह मौसम एकदम साफ था। हवा भी मध्यम गति से चल रही थी। दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव आना शुरू हुआ। अपराह्न करीब दो बजे के आसपास तेज आंधी के साथ ही धूल के गुब्बार उड़ने लगे। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव देहात क्षेत्र में पड़ा। बदायूं शहर, उझानी के अलावा देहात क्षेत्र में आंधी की चपेट में आने से सैकड़ों की संख्या में पेड़ गिर गए। देहात के संपर्क मार्गों पर पेड़ों की टहनियां गिरने से आवागमन प्रभावित हो गया।
शुरूआत में बारिश तेज हुई। इसके बाद कई इलाकों में रुक-रुककर हुई बारिश से कई खेतों में पानी भर गया। गेहूं की फसल करीब 35 फीसदी तक खेतों में ही गिर गई। वहीं खेतों में कटी पड़ी सरसों को भी नुकसान पहुंचा है। गहाई होने से सरसों का रकबा हालांकि बहुत कम बचा है, इसलिए नुकसान की आशंका कम जताई जा रही है।
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किसान भागमल चौधरी ने बताया कि पिछले महीने भी गेहूं की फसल को काफी नुकसान हो चुका है। आलू की खोदाई भी बारिश की चपेट में आ गई। हालांकि आलू को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। अगर किसी खेत में पानी भर गया होगा तो आलू सड़ने से नुकसान हो सकता है। इसके विपरीत आसफपुर, इस्लामनगर के नूरपुर पिनौनी और दबतोरी क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलें प्रभावित हुईं हैं।


मौसम बदलते ही गेहूं उत्पादकों का हलक सूखा
म्याऊं। आंधी और बारिश से किसानों की परेशानी तो बढ़ी है, लेकिन लोग गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं। वहीं जिन खेतों में सरसों पहले से ही कटी पड़ी थी, वह आंधी में उड़ गई। कटाई के लिए सरसों को बारिश और आंधी ने नुकसान पहुंचाया है। गेहूं उत्पादकों का तो हलक सूख गया है। पेड़ गिरने से सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। संवाद


कुछ दिन पहले की थी सिंचाई, अब हो गया नुकसान
उसावां। धूल भरी आंधी और तेज बारिश के दौरान भवनगला निवासी श्यामपाल के खेत में बबूल का पेड़ टूटकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि पेड़ के पास खेत मालिक समेत किसान नहीं थे, नहीं तो उनकी जान पर बन आती। इलाके में फसलें भी मौसम की मार की चपेट में आ गई हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसलें खेतों में बिछ गईं हैं। कुछ किसानों ने एक-दो दिन पहले ही गेहूं की सिंचाई की थी, उनमें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। संंवाद


मौसम ऐसा ही रहा तो हो सकता है भारी नुकसान
अलापुर। आंधी के साथ अचानक बूंदाबांदी शुरू हो गई। हवा के झोंकों और बारिश के दौरान सड़कें सुनसान नजर आईं। करीब शाम तीन बजे बारिश ने तेजी पकड़ी तो गेहूं और सरसों की फसल चपेट में आ गई। करीब एक घंटे तक फसलों पर बारिश और ओलों की मार पड़ी। किसानों का कहना है कि मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो उन्हें भारी नुकसान हो सकता है। संवाद






पनबाड़िया उपकेंद्र से 33 केवी



की लाइन में आया ब्रेकडाउन



- शहर समेत 400 से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित



संवाद न्यूज एजेंसी



बदायूं। तेज आंधी-बारिश के बीच शहर समेत देहात इलाके की विद्युत आपूर्ति चरमरा गई। कहीं खंभे टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए तो कहीं लाइनें के ऊपर पेड़ के टहनियां टूटकर गिर गईं। इससे शहर समेत जिले के तकरीबन 400 से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। रात आठ बजे तक औसतन इलाकों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। इससे उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।



तेज आंधी-बारिश में शहर के पनबाड़िया उपकेंद्र की कई लाइनें क्षतिग्रस्त होने से 33 केवी के लाइन ब्रेकडाउन में आ गई। इससे उपकेंद्र से पोषित इलाकों समेत आधे शहर की विद्युत आपूर्ति करीब चार घंटे के लिए ठप हो गई। वहीं, सदर विधायक के आवास के सामने से एक खंभे क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इससे इस इलाके की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।



उपभोक्ताओं की सूचना मिलते ही विद्युत कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग कर बाधित आपूर्ति को बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य शुरू किया। रात आठ बजे तक शहर के आपूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दी गई। वहीं, ग्रामीण देहात में भी औसतन इलाकों की विद्युत आपूर्ति रात नौ से दस बजे तक बहाल कर दी गई।



पनवड़िया एसडीओ मोहित साहू ने बताया कि 33 केवी की लाइन में ब्रेकडाउन आ गया था। इससे करीब चार घंटे उपकेंद्र से पोषित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। सभी स्थानों पर मरम्मत करा दी गई है। बिजली बहाल हो गई है।












उसावां उपकेंद्र से पोषित कई गांवों की प्रभावित हुई आपूर्ति



उसावां। तेज आंधी के चलते उसावां उपकेंद्र से पोषित गांव धर्मपुर, उघौली में खंभा टूटने से विद्युुत आपूर्ति ठप हो गई। इसके अलावा अकबरपुर, अस्धरमई, गूरा नगरिया, जसमाह आदि गांवों में लाइनों के ऊपर पेड़ गिर जाने से लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण इन गांवों समेत कई इलाकों की आपूर्ति ठप हो गई। जेई बालकिशन प्रजापति के अनुसार, लाइनों के ऊपर गिरे पेड़ों को हटाया जा रहा है। लाइनों को कर्मचारी ठीक करने में लगे हुए हैं। देर रात तक टूटी व क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक कर ठप विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।





खंभे तो कहीं ट्रांसफार्मर गिरे, देहात की बिजली आपूर्ति ठप
- शहरी इलाकों में आंधी के दौरान दो घंटे रहा ब्रेकडाउन
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी। आंधी के दौरान कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए। बुटला के मजरा सिद्धनगला में निजी नलकूप के पास दो खंभों पर रखा ट्रांसफॉर्मर भी आंधी की चपेट में आ गया। खंभे नलकूप की कोठरी तो ट्रांसफॉर्मर पानी की हौद में पड़ा मिला।
शनिवार दोपहर आंधी की शुरुआत के दौरान ही बिजली के खंभों के चपेट में आने की आशंका के चलते उपकेंद्र से ब्रेकडाउन कर दिया गया था। एसएसओ रजनीश कुमार ने बताया कि देहात क्षेत्र में करीब दो दर्जन स्थानों पर बिजली के खंभे गिरे हैं। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियों ने बिजली के तारों को नुकसान पहुंचाया है।
इसके अलावा सिद्धनगला निवासी बागड़वीर के निजी नलकूप पर रखा ट्रांसफॉर्मर भी आंधी के दौरान दोनों खंभों के साथ गिर पड़ा। कछला, कादरचौक और मुजरिया क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति ठप हुई है। शाम करीब पांच बजे से बिजली कर्मियों की चार टीमों ने देहात क्षेत्र में जाकर फॉल्ट तलाशने शुरू किए। देहात क्षेत्र में देर रात तक आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई। इसके अलावा करीब तीन घंटे तक पूरे कस्बे में बिजली आपूर्ति बाधित रही।







आंधी में टूटकर छज्जे से टिके



दो खंभे, विद्युत आपूर्ति ठप



ककराला। कस्बा के वार्ड आठ में तेज आंधी-बारिश के दौरान विद्युत के दो खंभे टूटकर एक घर के छज्जे पर टिक गए। खंभों के टूटने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।



कस्बा के वार्ड आठ में सड़क किनारे विद्युत के दो खंभे लगे थे। दोनों खंभे नीचे से गल चुके थे। इन्हीं खंभों से उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की लाइनें गुजर रहीं थीं। शनिवार दोपहर तेज आंधी-बारिश के चलते दोनों खंभे नीचे से टूटकर एक घर के छज्जे पर गिए। इससे कई विद्युत लाइनें भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गईं।



घटना होते ही सड़क से गुजर रहे लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। खंभों के टूटने से वार्ड समेत कई मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। उपभोक्ताओं ने विद्युत उपकेंद्र पर घटना की जानकारी दी। उपकेंद्र से शटडाउन लेकर आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई। वहीं, बारिश बंद होने के कर्मचारी क्षतिग्रस्त लाइनों और खंभों पर मरम्मत कार्य करने में जुट गए। कर्मचारियों ने देर तक आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन उपभोक्ताओं को दिया है।

बारिश के बाद गेहूं की फसल को दिखाता किसान। संवाद- फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।

बारिश के बाद गेहूं की फसल को दिखाता किसान। संवाद- फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।

बारिश के बाद गेहूं की फसल को दिखाता किसान। संवाद- फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।

बारिश के बाद गेहूं की फसल को दिखाता किसान। संवाद- फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।

बारिश के बाद गेहूं की फसल को दिखाता किसान। संवाद- फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।

बारिश के बाद गेहूं की फसल को दिखाता किसान। संवाद- फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।

बारिश के बाद गेहूं की फसल को दिखाता किसान। संवाद- फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।

बारिश के बाद गेहूं की फसल को दिखाता किसान। संवाद- फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।

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