नगर पालिका अध्यक्ष पद के उप चुनाव के दौरान कबूलुपरा में गैंगवार जैसी घटना से पुलिस के माथे पर शिकन आ गई। स्थिति को देखते हुए कबूलुपरा में एहतियातन पीएसी के साथ बिनावर, कुंवरगांव, कोतवाली और सिविल लाइंस थानों की पुलिस भी लगाई गई।
शहर का मोहल्ला कबूलपुरा सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में शुमार है। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर छोटे सरकार की दरगाह है। अपरान्ह तीन बजे अचानक इलाके में फायरिंग हुई तो तनाव की स्थिति बन गई। घटना की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इशरत की हत्या करने के बाद हमलावर फायरिंग करते हुए भागे को इलाके के लोग भी दहशत में आ गए। एसओ कुंवरगांव मेराज अली और बिनावर एसओ जमीरुल हसन को इस इलाके में हालात पर नजर रखने का जिम्मा दिया गया। चूंकि माहौल चुनावी है ऐसे में अधिकारी किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते थे।
जिला अस्पताल बना छावनी
घटना की खबर मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कुंवरगांव और बिनावर एसओ को भी बुला लिया गया। घायलों के पहुंचने से पहले जिला अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा के साथ सीओ उझानी सतीश कुमार शर्मा समेत एसओ सिविल लाइंस अजय यादव और कोतवाल एसएस बराज के साथ जिला अस्पताल में त्वरित कार्रवाई दल की एक टीम के साथ मौजूद रहे।
एसएसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
एसएसपी सौमित्र यादव ने एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा, सीओ उझानी सतीश कुमार शर्मा के साथ कबूलपुरा पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।