दो पड़ोसी ही अपहरण कर ले गए मुरादाबाद, दोनो पकड़ से बाहर
20 लाख रुपये मांगी गई थी फिरौती
पांच के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
एक महीने पहले मुरादाबाद से खरीदा था सिम
कादरचौक थाने के गांव असरासी से 20 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए पड़ोसियों ने ही दिनेश के सात साल के बेटे अर्पित उर्फ अंकुर का अपहरण किया था। एसओजी टीम ने सर्विलांस के जरिए 24 घंटे के अंदर बालक की मुरादाबाद से सकुशल बरामदगी के साथ अपहृताओं को शरण देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अभी अपहरण करने वाले दो पड़ोसी नहीं पकड़े जा सके हैं। इनकी तलाश जारी है।
शनिवार को एसएसपी सौमित्र यादव ने बताया कि अपहरण की इस वारदात में दिनेश का पड़ोसी अमन गुप्ता और विशेष शामिल थे। यह दोनों बिस्कुट दिलाने के बहाने अर्पित को शुक्रवार दोपहर अपने साथ ले गए। उसको बहला फुसलाकर मैजिक वाहन सें बदायूं लाए। यहां उसको खाना खिलाया और बाद में रोडवेज बस से मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र के गोविंदनगर ले गए। गोविंद नगर में विशेष का रिश्तेदार रहता है। शनिवार को अर्पित की सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस ने गोविंद नगर निवासी सतेंद्र पुत्र धर्मवीर, राजा पुत्र धर्मवीर और लाइन पार के रवि पुत्र हेतराम को गिरफ्तार किया था। मास्टरमाइंड अमन और विशेष पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। दिनेश के पिता ने कुछ दिन पहले 15 बीघा जमीन का 30 लाख रुपये के सौदा किया था। इस बारे में अमर और विशेष को मालूम हो गया। तब उन्होंने अपहरण की साजिश रची। फिरौती के लिए कॉल सुरेंद्र के मोबाइल से की गई थी। यह सिम भी करीब एक महीने पहले ही मुरादाबाद से खरीदा गया था।
एसएसपी ने वर्क आउट करने वाली टीम में शामिल स्वाट टीम इंचार्ज संदीप तोमर, नीरेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, मनोज कुमार, सुधीर, लोकेंद्र, दिनेश कुमार और सर्विलांस सेल के सौरभ शुक्ला, सचिन कुमार की प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि मामले में अमन, विशेष और सुरेंद्र, राजा और रवि को नामजद किया गया है। सुरेंद्र, राजा और रवि को जेल भेजा गया है।
मुरादाबाद में साथ नौकरी कर चुके हैं सभी आरोपी
बदायूं। अपहरण की घटना को अंजाम देने वाले अमन और विशेष मुरादाबाद की एक फैक्ट्री में नौकरी करते थे। इसी फैक्ट्री में राजा, रवि और सतेंद्र नौकरी करते थे। चार महीने पहले अमर और विशेष ने नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह गांव आ गए। एक महीने पहले से दोनों ने अर्पित से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी थीं। दोनों पड़ोसी थे, इस वजह से परिवार वालों को कभी इन पर शक भी नहीं हुआ। अपहरण के बाद दोनों अर्पित को सीधे मुरादाबाद ले गए। वहां पहले राजा के पास गए। अर्पित को रात भर रवि के घर में रखा गया।