घर से बुलाकर लूट करने के बाद हत्या किए जाने के मामले में कोर्ट ने आरोपी दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं एक पर 37 हजार तो दूसरे पर 42 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
यह सनसनीखेज वारदात 11 जून 2006 को हुई थी। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा ब्राह्मपुर निवासी अनूप कुुमार भूषण पुत्र प्रकाश चंद्र भूषण को कुछ लोग घर से बुलाकर ले गए थे। जो बाद में घर नहीं लौटा तब परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने हर संभावित स्थानों पर तलाश किया किंतु अनूप का कहीं कोई पता नहीं चला। बताते हैं कि परिवारीजनों को अनूप का लिखा एक खत मिला था जिसमें उसने जिक्र किया था कि वह थाना सिविल लाइन क्षेत्र के गांव भगवतीपुर निवासी हरिओम पुत्र आनंदी यादव के पास जा रहा है। इसी पत्र के आधार पर परिवारीजनों ने हरिओम से बात की। पुलिस को भी उसके बारे में बताया। पुलिस ने हरिओम से जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने सबकुछ उगल दिया। खुलासा किया था कि उसने और दूसरे साथी महेंद्र पुत्र नंदन सिंह निवासी गांव भिलौैलिया थाना बिल्सी के साथ 25 हजार रुपये लूटकर अनूप कीहत्या कर दी है। हरिओम की निशानदेही पर पुलिस ने 22 जून 2006 को चिकटिया के जंगल से अनूप का कंकाल बरामद किया था।
स्पेशल जज डकैती प्रभावित क्षेत्र विकास कुमार प्रथम ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी ज्ञान स्वरूप गुप्ता और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद इस मामले के दोषी हरिओम और महेंद्र को आजीवन कारावास के साथ ही दोनों पर क्रमश: 37 और 42 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मुआवजे के तौर पर जुर्माने की धनराशि में से आधी रकम मृतक की पत्नी और बच्चों को देने के भी आदेश दिए हैं।