अब तो देशी शराब का पौव्वा भी निर्धारित डिग्री का नहीं बचा। पानी मिली पीओ तो ज्यादा नुकसान नहीं, लेकिन धंधेबाजों ने नया फंडा खोजकर उसमें मिलावट का ऐसा खेल खेला कि पता नहीं कि उसकी डिग्री बढ़कर कितनी हो जाएगी। यूरिया मिलाकर दो मिली लीटर के पौव्वे में पूरी बोतल तैयार करने के धंधे का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है।
मामला पुलिस ने सूनसान पड़ी जीटी कोल्ड स्टोरेज के खंडहर में शनिवार शाम पकड़ा। पुलिस को मौके पर एक बाल्टी में मिलावट की देशी शराब और तैयार किए गए 65 पौव्वे और सैकड़ों की संख्या में खाली पौव्वे समेत ब्रांड लगे ढ़क्कन मिले। एक थैला में यूरिया खाद भी मिली। पकड़ा गया युवक नगर की अंसारी कालोनी का फिरोज निकला। फिरोज ने पुलिस को बताया कि वह देशी शराब में मिलावट का धंधा अपने परिचित सत्येंद्र नामक युवक के साथ करता है। पुलिस की मानें तो सत्येंद्र पुलिस की दबिश देख मौके पर से भाग गया।
दरोगा अशोक यादव के मुताबिक, फिरोज ने बताया कि दो सौ मिली के पौव्वे में वह यूरिया और पानी मिलाकर करीब एक लीटर शराब तैयार कर लेता है। एक पौव्वे में पूरी बोतल माल तैयार हो जाने के बावजूद उसकी डिग्री 42.8 से कम नहीं, बल्कि बढ़ जाती है। उन्हें पैक करने के लिए खाली पौव्वे और डिस्टलरी के ब्रांडेड ढ़क्कन भी बाहर से खरीदकर लाता है। बरामद ढ़क्कनों पर मौर्या डिस्टलरी चंडीगढ़ प्रिंटेड है। अहम बात तो यह है कि यूरिया का इस्तेमाल शरीर के लिए घातक है। इससे मौत भी हो सकती है। इधर, पुलिस अब फिरोज के फरार साथी की तलाश में जुट गई है।
कई दिनों से चल रहा था मौत का खेल
उझानी। शराब के कारोबार से जुड़े अनेजा ग्रुप के एरिया मैनेजर गुड्डू पंडित की मानें तो उन्हें इसकी भनक पिछले सप्ताह लगी थी। प्रत्येक दिन कंपनी के सेल्समैनों ने भी सुरागरसी की। पुलिस को पल-पल की जानकारी मुहैया कराई जाती रही थी। मौत के इस खेल में हालांकि कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल पुलिस भी आगे कुछ कहने को तैयार नहीं है।