अवैध खनन से बना गड्ढा बन गया काल
बदायूं के गांव रसूला में शनिवार दोपहर की घटना
अवैध खनन की बात से इंकार कर गए बिल्सी तहसीलदार
गंगा की कटरी में रेत-मिट्टी के लिए हो रहा अवैध खनन मुजरिया के गांव रसूला में चार बच्चों के लिए मौत का गड्ढा बन गया। चार बीघे खेत में अवैध खनन से बना गड्ढा बारिश के पानी से तालाब जैसा हो गया है, इसी में ये बच्चे नहाने गए थे। मरने वालों में तीन सगे भाई हैं। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने अवैध खनन की बात से इंकार किया है। वहीं प्रभारी डीएम का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
डूबने से मरने वाले बच्चों में रसूला के ही रहने वाले केदार के तीन बेटे सुनील (15), सुखवीर (12) और पुष्पेंद्र (10) के अलावा गंगा सहाय का बेटा पूरन (11) शामिल हैं। बताते हैं कि गांव में भोजराज और नेकसू के करीब चार बीघा खेत में करीब 15 फुट तक रेत-मिट्टी का अवैध खनन किए जाने से यह जगह तालाब में तब्दील हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खेत से काफी लंबे समय से रेत-मिट्टी निकालकर गांव के पास बन रहे दो स्कूलों के लिए ले जाई जा रही है। इस बार अधिक बारिश और आसपास का पानी आने से खेत लबालब हो गया है।
गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले चारों बच्चे शनिवार दोपहर स्कूल से आने के बाद बारिश के बीच इसी गड्ढे में नहाने चले गए। गहराई में जाने की वजह से वे डूबने लगे। चीखपुकार सुनकर गांव के लोग बचाने पहुंचे। बचाने को एक बच्चे के पिता गंगा सहाय भी गहराई ज्यादा होने की वजह से डूबने लगे। लोगों ने उन्हें बचाया। ग्रामीणों की मदद से करीब दो घंटे बाद चारों लड़कों को अवैध खनन से हुए इस गड्ढे से निकाला जा सका। तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।
परिवार वालों ने पहले पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। बाद में सीओ के समझाने पर वे मान गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। खबर मिलने के बाद तहसीलदार बिल्सी बालक राम यादव राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई की बाबत पूछने पर उन्होंने अवैध खनन से इंकार किया। तहसीलदार ने मृतकों के परिवार वालों को सांत्वना दी और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया है।
घटना दुखद है। इस संबंध में एसडीएम और तहसीलदार से जानकारी ली है। अवैध खनन के मामले की जांच कराई जाएगी। - प्रताप सिंह भदौरिया, प्रभारी डीएम