सफेदपोश के दबाव में नहीं हो रही दरोगा पर कार्रवाई
उझानी कोतवाली के दबंग दरोगा अशोक यादव के खिलाफ पीड़ित प्रदीप उर्फ नन्हे ने कोर्ट की शरण ली है। सफेदपोश के दबाव में अब तक दरोगा के खिलाफ कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने दरोगा के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। इधर, मामले की जांच कर रहे एसपी सिटी अनिल यादव ने पीड़ित और गवाहों के बयान दर्ज किए हैं।
उझानी कोतवाली के दरोगा अशोक यादव पर आरोप है कि उसने तीन सिपाहियों के साथ 10 सितंबर की रात सुजरपुर गांव के प्रदीप उर्फ नन्हे के घर में घुसकर मारपीट की थी। बाद में नन्हे को गांव में जीप और खंभे से बांध कर पीटा। उसे नाजायज तरीके से रात भर हवालात में बंद रखा। मारपीट में नन्हे घायल हो गया। उसके हाथ की हड्डी भी टूट गई। इससे गुस्साए गांव के लोगों ने एसएसपी ऑफिस का घेराव किया था। एसएसपी सुनील सक्सेना ने जांच एसपी सिटी अनिल यादव को दे दी। दरोगा को एक सफेदपोश का संरक्षण हासिल है। उसके दबाव में अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे। प्रदीप उर्फ नन्हे की पत्नी रामबेटी की ओर से दरोगा के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है।
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गांव के लोगों को हड़का रहा दरोगा
बदायूं। दरोगा अशोक यादव गांव के लोगों को हड़का रहा है। अब तक कार्रवाई न होने से उसके हौसले बुलंद हैं। नन्हे का आरोप है कि दरोगा के खिलाफ जो लोग बयान दे रहे हैं उन पर वह दबाव बना रहा है। इतना ही नहीं सफेदपोश भी दरोगा के समर्थन में लोगों को धमका रहा है। नन्हे समेत गांव के लोगों ने इस संबंध में डीआईजी से भी मुलाकात की है।