मुंसिफ कोर्ट ने दलित महिला की जमीन हड़पने के मामले में दिया आदेश
दलित समुदाय की महिला की जमीन को धोखाधड़ी करके बैनामा कराने के मामले में सराफा व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल सर्राफ, उनके बेटे और पुत्रवधु सहित 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर करने का आदेश मुंसिफ कोर्ट ने दिया। इससे आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है।
बदायूं रोड स्थित दलित महिला शकुंतला देवी ने मुसिंफ कोर्ट में परिवाद दायर किया, जिसमें बताया कि बदायूं रोड पर गांव हतसा के रकवा में गाटा संख्या 1055 उसकी भूमि है, जिसे बेचने के लिए बरेली के बिहारीपुर निवासी रिश्तेदार ओमप्रकाश एवं खालिद से कमीशन के आधार पर बिक्री कराने की बात हुई। इन लोगों ने 15 अक्तूबर को कमीशन के कागज तैयार कराने के बहाने उसे बदायूं बुलाया। वहां निशांत, इशांत, विशाल पुत्रगण ओमप्रकाश निवासी बरेली, ओमप्रकाश, खालिद और दातागंज के धर्मपुर निवासी कल्लू पुत्र गिरंद मौजूद मिले।
शकुंतला ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने पहले से तैयार कागजों पर बिना कुछ बताए अंगूठे लगवा लिए और भूमि का सौदा करके बैनामा करवाने और धनराशि दिलाने का आश्वासन दिया। कहा उसे 14 मार्च को पता चला कि इन लोगों ने धोखाधड़ी करके फर्जी मुख्त्यारनामा रजिस्टर्ड कराया था। साथ ही 11 मार्च को फर्जी मुख्त्यारनामा के आधार पर सर्राफा व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल कुमार, उनके पुत्र सौरभ गुप्ता, पत्नी रूपम गुप्ता, रेनू, कृष्ण कुमार के नाम प्रार्थिनी बैनामा कर दिया।
मामले का अवलोकन करने और शकुंतला देवी के वकील के तर्कों को सुनने के बाद जज खुश्तर दानिश ने अनिल कुमार, सौरभ, रूपम, रेनू, कृष्ण कुमार तथा प्रलेखक अजय कुमार, ओमप्रकाश, विशाल, निशांत, इशांत, खालिद सहित दर्जन भर लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। कोतवाल कश्मीर सिंह का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन होगा। सराफा व्यापारी अनिल ने कहा कि उन्होंने ईमानदारी के साथ बैनामा कराया। जांच में सब साफ हो जाएगा।