कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई को वादी पक्ष के प्रोटेस्ट पर आपत्ति है।
मामले में सुनवाई कर रहे स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में सीबीआई के
वकील कुमार रजत की ओर से 28 पेज में ऑब्जेक्शन दाखिल किया गया है। वादी
पक्ष के वकील एएच नकवी ने सीबीआई पर जानबूझ कर देर करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कोर्ट से ऑब्जेक्शन पर बहस के लिए तैयारी का समय मांगा। इस पर
स्पेशल जज पाक्सो एक्ट अनिल कुमार ने बहस के लिए 30 मार्च मुकर्रर कर दी।
कटरा
सआदतगंज में 27/28 मई की रात चचेरी बहनों के शव पेड़ पर लटकते मिले थे।
परिवार वालों ने दो सिपाहियों समेत पांच लोगों के खिलाफ गैंगरेप और हत्या
का मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने 11 दिसंबर 2014 को
स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करके दावा किया
कि लड़कियों ने खुदकुशी की थी। गैंगरेप और हत्या जैसा कोई मामला नहीं है।
वादी पक्ष की ओर से क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ 19 फरवरी को प्रोटेस्ट दाखिल
किया गया। इस दौरान सीबीआई के वकील कोर्ट से गैरहाजिर थे। कोर्ट ने सुनवाई
के लिए 11 मार्च तय कर दी।
बुधवार को सीबीआई के वकील कुमार रजत ने वादी
पक्ष के प्रोटेस्ट पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट में 28 पेज का ऑब्जेक्शन
दाखिल किया। उन्होंने क्लोजर रिपोर्ट सही होने का दावा किया। वादी पक्ष के
वकील एएच नकवी ने कोर्ट से ऑब्जेक्शन पर अध्ययन के लिए समय मांगा। इस पर
कोर्ट ने दोनों पक्षों में बहस के लिए 30 मार्च तय कर दी है।