यहां भी पुलिस की एक पक्षीय कार्रवाई सवालों के घेरे में है। तीन दिन पहले उझानी के मोहल्ला गद्दीटोला में भी एक पक्षीय कार्रवाई से पुलिस की फजीहत हो चुकी है। इस मामले से इस्लामनगर पुलिस ने सबक नहीं लिया। नदेरी गांव में दो घंटे बवाल चलता रहा। पुलिस वाले घरों में घुसकर जुल्म करते रहे। घटना की जानकारी बड़े अफसरों तक को नहीं दी गई। एक ही पक्ष के 15 लोगों को जेल भेजने से लोगों में गुस्सा है।
होली की चौपाई पर पथराव मामले में जिस तरह से एक पक्ष के ही लोगों को जेल भेजा गया है, उससे सवाल यह भी उठता है कि अगर एक ही पक्ष के लोग थे तो झगड़ा किस बात का। गांव में दो पक्षों के बीच धार्मिक आयोजनों को लेकर तकरार रहती है, लेकिन होली पर चौपाई के दौरान इस तरह की घटना पहली बार हुई है। एसओ रुकुमपाल सिंह का कहना है कि ऐसा कोई विवाद नहीं था कि अधिकारियों को सूचना दी जाती। अब उनके पास इस बात का जवाब नहीं है कि अगर विवाद नहीं था तो एक ही पक्ष के 15 लोगों को जेल क्यों भेज दिया गया।
नदेरी गांव में दो पक्षों में झड़प की बात सामने आई है। पुलिस ने 15 लोगों को कोर्ट में पेश किया था। मुझे यह नहीं पता कि यह लोग एक ही पक्ष के हैं। इनका कोई जमानती नहीं आया तो इनको जेल भेज दिया गया।
-विधान जायसवाल, एसडीएम बिल्सी