फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएनबी के शाखा प्रबंधक पर एफआईआर के आदेश

Fri, 29 Jan 2016 11:48 PM IST
बिसौली।
विज्ञापन
विज्ञापन
धोखाधड़ी के मामले में पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत दो लोगों के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

कोतवाली क्षेत्र के गांव सिरतोला निवासी वेदपाल ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। जिसमें उसने लिखा कि वह अपना खाता खुलवाने दिसंबर 2014 में पंजाब नेशनल बैंक गया। वहां उसका खाता नहीं खोला गया। बैंक में ही उसे रियाज मोहम्मद निवासी रायपुर जगमन, कोतवाली बिसौली मिला, उसने कहा कि खाता खुलवा दूंगा और उसने खाता खुलवा दिया। प्रबंधक यशपाल गुप्ता ने लेकिन उसे पासबुक नहीं दी। आरोप है कि रियाज मोहम्मद ने वेदपाल को केवल खाता नंबर बता दिया। इसके बाद वेदपाल ने बीमा के चेक उसी खाते में जमा कर दिया। उसे शाखा प्रबंधक ने बताया कि एक माह बाद रकम खाते में आएगी। जब एक माह बाद वह रकम लेने बैंक गया, तो अन्य कर्मचारी ने बताया कि यह खाता तो रियाज मोहम्मद का है और चेक का पैसा 77 हजार रुपया इसी खाते में आ चुका है। इसके बाद मैनेजर और रियाज मोहम्मद ने बताया कि तुम्हारा पैसा मिल जाएगा। जब रकम उसे नहीं मिली, तो उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मैनेजर और रियाज मोहम्मद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट खुश्तर दानिश ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक यशपाल गुप्ता और रियाज मोहम्मद के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज
धोखाधड़ी से करा ली वसीयत
सहसवान(बदायूं)। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी से वसीयत करा लेने के मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नसरुल्लागंज निवासी राशिद हुसैन पुत्र इदरीश ने आरोप लगाया था कि उसके सौतेले भाई इमरान और फुफी बिलकीस ने धोखाधड़ी कर गवाह और  लेखक की साजिश से वसीयत बनाकर रजिस्ट्री करा ली। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट
सहसवान (बदायूं)। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
इब्राहीमपुर गढ़ी निवासी पप्पू पुत्र ओमप्रकाश ने न्यायालय में परिवाद दायर कर आरोप लगाया था कि गांव के सत्यवीर, चंद्रसेन, राजवीर और हरविलास ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और उसके पैर को तोड़ दिया। पुलिस ने घायल को इलाज के लिए  तो भेज दिया मगर उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। शुक्रवार को न्यायालय के आदेश  पर मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें