अचौरा में निर्माणाधीन धर्मस्थल परिसर में बाहरी लोगों के पहुंचने की आशंका को लेकर शुक्रवार को एसडीएम सदर प्रदीप कुमार पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। विवादित स्थल का गेट बंद कराके बाहर पुलिस और पीएसी का पहरा लगा दिया गया। देर शाम तक जब कोई नहीं पहुंचा तो पुलिस फोर्स ने राहत की सांस ली।
शुक्रवार सुबह में पुलिस को भनक लगी कि अचौरा के निर्माणाधीन धर्मस्थल परिसर में दोपहर को बाहर से कुछ लोग पहुंचेंगे। कोतवाल देवराज राठी ने निर्माणाधीन धर्मस्थल के परिसर के पास ड्यूटी पर लगी पीएसी को भी सतर्क कर दिया। कोतवाली से दरोगा ओपीसिंह और प्रयागराज के साथ पुलिस कर्मियों को भेज दिया गया। एसडीएम सदर प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विवादित स्थल का मेनगेट भी बंद करा दिया। गलियारों में भी गश्त बढ़ा दी गई।
अपराह्न तक पुलिस फोर्स हालत पर नजर जमाए रहा लेकिन कोई भी विवादित स्थल के आसपास नहीं पहुंचा। दरोगा ओपी सिंह ने बताया कि पिछले शुक्रवार को एक पक्ष के लोगों के विवादित स्थल में पहुंचने पर बवाल हो गया था। आशंका थी कि बाहर से कुछ लोग पहुंच कर फिर से माहौल खराब कर सकते हैं। उधर, एसडीएम सदर ने भी पुलिस को निर्देशित कर दिया है कि विवादित स्थल के अंदर किसी को घुसने नहीं दिया जाए। बता दें कि चार दिन पहले लखनऊ से पहुंची जमीयत के उलेमाओं की टीम ने मौका मुआयना किया था।
घरों की खिड़कियों से झांकती रहीं महिलाएं
उझानी। अचोरा में अचानक ही पुलिस फोर्स की सक्रियता नजर आने पर महिलाएं अपने बच्चों के साथ घरों में चली गईं। ज्यादातर घरों के दरवाजे भी अंदर से बंद नजर आए लेकिन कुछेक महिलाएं खिड़कियों से बाहर झांक कर हालात पर गौर करती रहीं। एक महिला ने पूछे जाने पर बताया कि तड़के से ही पुलिस ने तलाशी भी शुरू कर दी थी। तलाशी के नाम पर उनके घर भी खंगाले गए।