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दावत में छेक देने पर दुल्हन के चाचा की हत्या

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दावत में छेक दिए जाने पर रंजिश मान बैठे कुनबे के ही लोगों ने दुल्हन के चाचाओं पर चाकुओं से लैस होकर हमला बोल दिया। इस हमले में एक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के दो भाई घायल हैं। तीन हमलावरों को नामजद कराया किया गया है। आरोपियों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बारात के दौरान चाकूबाजी होने से बारातियों में भगदड़ मच गई।
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घटना कोतवाली क्षेत्र के गांव तेहरा में गुरुवार रात करीब 11 बजे की है। गांव के गेंदनलाल प्रजापति की बेटी की बारात शाम को गांव पहुंची। गेंदन ने कुनबे से जुड़े लीलाधर के बेटों को दावत नहीं दी थी। दावत नहीं मिलने पर उन्हें लगा कि गेंदन ने अपने चचेरे भाइयों के कहने पर उन्हें छेक दिया है। बारात चढ़त के दौरान लीलाधर के बेटे चाकुओं से लैस होकर वहां आ धमके। उन्होंने नन्हेलाल (20) पर हमला कर दिया। हमलावरों ने नन्हे की गर्दन और सीने के पास चाकुओं से कई वार किए। लहूलुहान नन्हे जमीन पर गिर पड़ा। शोरगुल मचता देख नन्हे के भाई मोरपाल (23) और चिरौंजी लाल (26) पहुंचे, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा।
हमले में नन्हे की मौके पर ही मौत हो गई। बारातियों समेत कुनबे के ही लोगों ने हमलावरों को घेरने की कोशिश भी की, लेकिन एक हमलावर के हाथ में तमंचा देख कोई भी उन्हें पकड़ने का साहस नहीं जुटा पाया। हमलावरों के चले जाने पर घरवाले जीवित होने की उम्मीद में नन्हे के शव को उठाकर अस्पताल ले आए, लेकिन डॉक्टर ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। एक हमलावर के भी घायल होने की सूचना है।
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कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि चिरौंजी लाल की तहरीर पर मुकेश, महेश और राजपाल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। नामजदों में से राजपाल को दबोच लिया गया है। घटना की सूचना के बाद एसपी सिटी अनिल यादव ने शुक्रवार सुबह तेहरा गांव पहुंच कर मौका मुआयना भी किया। लोगों के बयान दर्ज किए।

द्वारचार न कन्यादान, बेटी की विदा
बारात चढ़त के दौरान दुल्हन के चाचा नन्हेलाल की हत्या के बाद मची भगदड़ के बीच ही शादी की रस्म औपचारिकता भर रह गईं। बारात लेकर कासगंज जिले की सहावर स्थित नई बस्ती से पहुंचा दूल्हा सचिन भी होश खो बैठा। बारातियों के कहने पर रात में दुल्हन को विदा कर दिया गया। द्वारचार और कन्यादान भी नहीं किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार अपराह्न में शव तेहरा पहुंचा, तो सहावर से दूल्हा सचिन अपने साथ बदहवास दुल्हन राजो को लेकर आ गया। चाचा के शव को देख वह गश खाकर गिर पड़ी।

दो महीना पहले हुई थी नन्हे के पिता की मौत
भतीजी राजो की शादी के दौरान नन्हेलाल की हत्या से उसके परिवार पर अचानक ही दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा। दो महीना पहले ही उसके पिता दुर्जन लाल की स्वाभाविक मौत हो गई थी। चार भाइयों में सबसे छोटे नन्हे का सबसे बड़ा भाई चेतराम दिल्ली में काम करता है। भाई की हत्या के बाद वह दिल्ली से सीधे पोस्टमार्टम हाउस पर ही पहुंचा। पहले पिता की मौत और दो महीना बाद ही बेटे की हत्या से वृद्धा अंगनादेवी बदहवास हैं।
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