सोत नदी के किनारे बने सीतामढ़ी आश्रम के युवा महंत की लाश रविवार सुबह बबूल के पेड़ पर लटकी मिली। आश्रम के मुख्य पुजारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रहा है। पुलिस तफ्तीश करने में जुट गई है। आश्रम में करीब एक सप्ताह से धार्मिक आयोजन चल रहा है। इस दौरान युवा महंत की मौत से कई चर्चाएं हो रही हैं।
सोत नदी के किनारे सीतामढ़ी आश्रम है। आश्रम के युवा महंत लाल गिरि का शव आश्रम के पास ही बबूल के पेड़ पर लटका था। रविवार सुबह जब गांव के लोग शौच को गए तो इसकी जानकारी हुई। सूचना पर कोतवाल सिद्धार्थ मिश्र मौके पर पहुंच गए। शव को पेड़ से उतारा गया। बरेली के आंवला थानांतर्गत गांव बटिया निवासी नंदन पुत्र वंशीधर करीब चार महीने पहले ही सीता आश्रम गुरु दक्षिण लेने आए थे। गुरु दक्षिण लेने के बाद इन्होंने अपना नाम लाल गिरी रख लिया था। लाल गिरी का शव पेड़ पर लटके होने की बात को पुलिस भी संदिग्ध मान रही है। पुलिस उनकी पारिवारिक पृष्ठ भूमि की भी जांच कर रही है। नंदन का एक भाई भी सामाजिक जीवन त्याग कर महंत बन गया है। मामले में मुख्य महंत मुरारी गिरी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कोतवाल सिद्वार्थ मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।