अलापुर थाना पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। पुलिस ने दलित किशोरी से गैंगरेप के आरोपी पूर्व प्रधान को गिरफ्तार करने के बाद थाने से ही छोड़ दिया। इससे पहले दो दिन तक उसे थाने में रखकर खूब खातिरदारी की गई। मामले में जांच सीओ दातागंज कर रहे हैं। एसओ अलापुर एपी सिंह यादव पूरे मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
अलापुर थाने के एक गांव में दलित किशोरी के साथ गांव के ही पूर्व प्रधान अब्दुल हसन समेत आबिद और तालिक ने रातभर बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। पुलिस ने नौ जनवरी को किशोरी के चाचा की तहरीर पर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। सभी के खिलाफ पाक्सो एक्ट और दलित उत्पीड़न की कार्रवाई भी की गई। दो दिन के बाद अलापुर पुलिस ने पूर्व प्रधान अब्दुल हसन को गिरफ्तार कर लिया। उसे दो दिन थाने में बैठाए रखा गया। बाद में आबिद को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आबिद को तो जेल भेज दिया, लेकिन अब्दुल हसन को थाने से ही छोड़ दिया। चर्चा है कि पूर्व प्रधान को छोड़ने के लिए मोटी रकम ली गई है। अब पूरे मामले में सीओ दातागंज श्योराज सिंह और एसओ अलापुर एपीसिंह यादव पल्ला झाड़ रहे हैं।