भारतीय किसान यूनियन ओर बहुजन किसान दल की संयुक्त घोषणा पर सोमवार को किसान पंचायत हुई। पंचायत में पूर्व ऐलान के अनुसार गिरफ्तारी की पहली सूची में 50 नामों की सूची प्रशासन को दी गई। किसानों के गिरफ्तारी दिए जाने पर अडिग किसानों को अधिकारियों ने मनाने का प्रयास किया। इस बीच किसानों और अधिकारियों के बीच झड़पें भी हुईं। बाद में किसानों को यदु शुगर मिल से छह करोड़ के भुगतान और मूसाझाग घटना पर कार्रवाई का आश्वासन देकर गिरफ्तारी न देने पर प्रशासन ने किसानों को राजी कर लिया। किसानों ने 11 जनवरी तक की मोहलत दी और घोषणा की अगर इस दिन तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 12 जनवरी को थाना मूसाझाग का घेराव किया जाएगा।
मालवीय आवास पर एकत्र किसानों को देख यहां पुलिस बल लगा दिया गया था। भाकियू जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि मूसाझाग में किसान की बेटी के साथ सिपाहियों द्वारा बलात्कार शर्मनाक घटना है। थाने के सभी पुलिस कर्मियों को हटाए जाने तक और दोषियों की गिरफ्तारी तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा कि अन्नदाता की आवाज केवल भाकियू ही उठा रही है। किसान यदु शुगर मिल से पूरा भुगतान लेकर ही शांत बैठेगी। मूसाझाग थाने के सभी पुलिस कर्मियों को हटाए जाने तक उनका आंदोलन चलेगा। 12 जनवरी को मूसाझाग थाने पर प्रदर्शन किया जाएगा। यही नहीं 18 जनवरी को इलाहाबाद की राष्ट्रीय पंचायत में भी बदायूं की घटना को पेश किया जाएगा और गन्ना भुगतान न होने का मामला भी उठाया जाएगा। पूर्व भाकियू जिलाध्यक्ष चौ. सौदान सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर आंदोलन होता रहेगा। सात जनवरी को मालवीय आवास में भू अधिग्रहण के विरोध में प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
भाकियू के जेल भरो आंदोलन पर 50 लोगों की सूची लेकर सिटी मजिस्ट्रेट विजय बहादुर ने लाउडस्पीकर पर ही किसानों को समझाया और उन्हें जेल जाने से रोका। किसान नेता चेतावनी देकर और इस शर्त पर माने अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो 12 जनवरी को फि र आंदोलन किया जाएगा। सुरेश गुप्ता, अजब सिंह राजपूत, नरेंद्र सक्सेना, झांझन सिंह, मुकेश यादव, हरी सिंह यादव, चौ. राम कुमार सिंह, पन्ना लाल, राजीव सिंह, चंद्र मोहन सिंह वर्मा, महेश पाल, डॉ. नत्थू सिंह शाक्य, शंकर सिंह कुशवाहा, श्याम सिंह, रघुवीर, राकेश सागर, शिव दयाल सागर, अशोक सिंह, सोम सिंह, मटरू, दुरवेंद्र सिंह, कृष्णपाल, धनपाल आदि बड़ी तादाद में किसान मौजूद रहे।
युवा शक्ति दल का मिला समर्थन
भाकियू और बहुजन किसान दल के संयुक्त आंदोलन को युवा शक्ति दल ने अपना समर्थन दिया। दल के जिलाध्यक्ष आशीष सक्सेना ने समर्थन का पत्र प्रस्तुत किया। सूची प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी। युवा शक्ति दल के कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन में शिरकत की।
आंदोलन स्थल का जलभराव दूर किया
भाकियू और बीकेडी के संयुक्त आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने मालवीय आवास स्थल को साफ कराने और गड्ढों में जलभराव दूर करने को मिट्टी आदि डलवाने का काम किया गया। बताते हैं कि डीएम के निर्देश पर नगर पालिका के ईओ ललितेश सक्सेना ने अपनी निगरानी में यह काम कराया। प्रशासन की उदारता से भी यूनियन नेता प्रभावित हुए।
गिरफ्तारी को लेकर पुलिस बल तैनात
भाकियू और बीकेडी की ऐलानिया गिरफ्तारी को लेकर सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा ने मालवीय आवास गृह को छावनी में तब्दील कर दिया था। कलक्ट्रेट रोड की ओर जहां भारी पुलिस बल तैनात किया था तो मालवीय आवास के पूरब में कोर्ट की ओर भी पुलिस बल तैनात किया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बात संभाल ली और किसान नेताओं को समय और आश्वासन देकर उन्हें गिरफ्तारी देने से रोक दिया।