बरेली से बदायूं के लिए एक फरवरी को चलीं मां-बेटी रहस्यमय ढंग से लापता हो गईं। बदायूं नगर पालिका परिषद में कार्यरत महिला के पति की रिपोर्ट दर्ज करने से पहले बदायूं और बरेली पुलिस उसे रिपोर्ट दर्ज करने के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार बताती रहीं। अंतत: बदायूं सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी दर्ज की है।
मीराजी चौकी के पास स्थित बजरंग नगर निवासी सुरेश चंद्र शर्मा नगर पालिका परिषद में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी रेनू और बेटी आयुषी बरेली के गुलाब नगर इलाके में अपनी मौसी के यहां रहती हैं। बकौल सुरेश, दोनों गत एक फरवरी को बरेली से बदायूं के लिए निकलीं। आयुषी की मौसी मनोरमा मिश्रा ने इसकी सूचना आयुषी के भाई शुभम को दी थी।
उसी दिन रात करीब साढ़े आठ बजे रोडवेज स्थित एक पीसीओ से आयुषी ने अपने भाई को फोन किया कि दोनों बदायूं पहुंच गए हैं। इसके बाद मां-बेटी घर नहीं पहुंची।
सुरेश का कहना है कि उसे बदायूं और बरेली जिले में गुमशुदगी दर्ज करने के लिए पहले टहलाया गया। वह खुद भी सब जगह दोनों को तलाश किया। अब इस मामले में सिविल लाइन थाने में गुमशदगी दर्ज हो गई है। उनको किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। पुलिस का कहना है दोनों की तलाश की जा रही है। पीसीओ वाले ने भी तस्दीक किया है कि एक फरवरी को एक महिला और लड़की आई थी। वह फोन कर चले गए।