मतगणना स्थल में घुसकर पथराव करने के मामले में हुई कार्रवाई
पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत नौ लोगों के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय अमरजीत ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। सभी पर सरकारी काम में बाधा डालने और लोक व्यवस्था को भंग करने के साथ पुलिस कर्मियों को पीटने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। मामले में अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी।
अक्तूबर 2015 में हुए पंचायत चुनाव में योगेंद्र सागर की पत्नी प्रति सागर ने बेहटा गोसाईं सीट से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ा था। दो नवंबर 2015 को बिल्सी मंडी परिसर में मतणगना चल रही थी। आरोप है कि पूर्व विधायक योगेंद्र सागर मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए अपने ढाई-तीन सौ समर्थकों के साथ मतगणना स्थल में घुसने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने रोका तो पथराव कर दिया। इसमें कांस्टेबल बालिस्टर त्यागी और विमलेश जख्मी हुए थे। पुलिस की एक जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। तत्कालीन एसओ बिल्सी ब्रजेश यादव ने योगेंद्र सागर समेत नौ लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा कायम कराया था। मामले में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
कई बार सम्मन जारी होने के बाद भी योगेंद्र सागर समेत नौ लोग कोर्ट में पेश नहीं हुए। मामले में सुनवाई कर रहे एसीजेएम द्वितीय अमरजीत ने बुधवार को सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए है। अगली सुनवाई के लिए 14 अक्तूबर तय की गई है।