छात्रा को थाना परिसर में क्वाटर की छत से फेंकने के मामले में पुलिस ने आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। छात्रा नाबालिग है। सिपाही पर पाक्सो एक्ट भी लगाया गया है।
उझानी थाने के सिपाही गौरव टाइटलर ने 15 जनवरी को कक्षा 12 की छात्रा को थाना परिसर में बने क्वाटर की छत से फेंक दिया था। मामले में छात्रा की मां ने अपने दो देवरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। छात्रा को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन दिन बाद छात्रा को होश आया, तो उसने आपबीती बताई। इसके बाद गौरव टाइटलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर इसे जेल भेज कर बर्खास्त कर दिया गया। मामले में जांच उझानी कोतवाल देवराज राठी कर रहे थे। पिछले दिनों चार्जशीट अवलोकन के लिए सीओ उझानी सतीश शर्मा के पास भेजी गई थी। सीओ के परीक्षण के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। सीओ उझानी और उझानी कोतवाल ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि छात्रा नाबालिग है। सिपाही पर पाक्सो एक्ट भी लगाई गई है।
क्या है आरोप पत्र में
आरोप पत्र में धारा 307 जान से मारने की नीयत से हमला करना, धारा 354 छेड़छाड़, धारा 506 के तहत जान से मारने की धमकी देना और पाक्सो एक्ट लगाया गया है। इन धाराओं में आरोप साबित होने पर पुलिसकर्मी होने के कारण उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। सामान्य नागरिक को उपरोक्त धाराओं में 14 साल तक की सजा का प्रावधाना है।