डीआईजी आरकेएस राठौर का एक और दावा हवाई साबित हुआ है। उन्होंने सिलसिलेवार तीन डकैती और दो हत्याओं की वारदातों का 48 घंटे में खुलासा करने का दावा किया था। बिसौली के प्रभारी कोतवाल कश्मीर सिंह ने भी हामी भरते हुए क्लू मिलने की बात कही थी। छह दिन बाद भी पुलिस इन संगीन वारदातों का पर्दाफाश नहीं कर सकी है।
बिसौली में 19 जून की रात हाईवे किनारे किराना व्यापारी के कुलदीप यादव के घर में डाका डाला था। यहां से लाखों रुपये का माल लूट कर बदमाशों ने कुलदीप की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस इस मामले में उलझी थी कि 20 जून की रात बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव करलावाला में बदमाशों ने गल्ला व्यापारी ततीर की हत्या कर लाखों का माल लूट लिया। इसी रात सेटाखेड़ा गांव में वीरपाल के घर पर भी बदमाशों ने डाका डाला। वीरपाल को चाकुओं से गोदकर घायल कर दिया।
डकैती की ती और हत्या की दो वारदात के बाद 21 जून को डीआईजी आरकेएस राठौर ने बिसौली पहुंच कर घटना स्थल का निरीक्षण किया। दावा किया कि 48 घंटे में वारदातों को वर्क आउट कर दिया जाएगा। अब तक पुलिस हवा में तीर चला रही है। कोई ठोस क्लू अब तक नहीं मिला है। डीआईजी का दावा भी फेल हो गया है। प्रभारी कोतवाली कश्मीर सिंह भी इन संगीन घटनाओं के वर्क आउट के नाकाम रहे हैं। अफसर अब भी बदमाशों के करीब पहुंचने के दावा कर रहे हैं, इन दावों में सच्चाई कम नजर आ रही है।
एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह ने बताया कि पुलिस को कुछ क्लू मिले हैं। इन पर काम किया जा रहा है। घटनाओं का खुलासा जल्द कर दिया जाएगा। कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।