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एससीएसटी एक्ट में पति को चार साल कैद, जुर्माना भी

Sat, 16 Jan 2016 11:17 PM IST
अमर उजाला, बदायूं
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आरोपी पिछड़ी जाति का, शादी की थी दलित से
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पत्नी को पीटता था, करता था जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल

मामला सितंबर 2008 का है। उसावां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात महिला कर्मी की पुत्री ने एसएसपी को पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी। उसके अनुसार आरोपी कुंवरपाल मौर्य कई साल से उसकी मां के साथ नौकरी कर रहा था। उसका अक्सर किशोरी के घर आना-जाना भी रहता था। उस वक्त किशोरी की उम्र 15 साल थी। उसकी नासमझी का फायदा उठाकर कुंवरपाल ने उससे शारीरिक संबंध बनाए। उसके साथ तीन साल तक दुष्कर्म करता रहा। किशोरी के माता-पिता को पता लगा तो उन्होंने कार्रवाई की बात कही। इस पर कुंवरपाल ने उनको पीड़िता से शादी के लिए राजी कर लिया। लोक-लाज के डर से माता-पिता ने अपनी बेटी की उससे शादी कर दी। शादी के बाद आरोपी अक्सर उससे मारपीट करने लगा। जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी करता था।
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पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित पक्ष ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने तीन अगस्त 2010 को कुंवरपाल को आरोपी मानते हुए तलब किया। विद्वान न्यायाधीश ने पत्रावली का अवलोकन कर अभियोजन पक्ष के एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कुंवरपाल को आरोपी मानते हुए चार साल कड़ी कैद और 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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