मोबाइल पर बात करके नकल करा रहा था शिक्षक, हड़कंप
डीआईओएस को कॉलेज के कैंपस से मिलीं गाइड की 250 पर्चियां
केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर हुई रिपोर्ट, आरोपी शिक्षक हिरासत में
नकल के लिए बदनाम ककराला क्षेत्र के नगर पालिका इंटर कॉलेज में गुरुवार को सुबह की पाली में चल रही सामूहिक नकल डीआईओएस राकेश कुमार ने पकड़ ली। यहां एक शिक्षक अवैध रूप से बिना ड्यूटी के कॉलेज में मोबाइल से रंगे हाथों नकल कराते पकड़ा गया। इस दौरान कॉलेज कैंपस में गाइड की करीब 250 पर्चियां और मोबाइल भी बरामद हुआ। कॉलेज में हाईस्कूल का सामाजिक विज्ञान और इंटरमीडिएट के उर्दू विषय का पेपर था। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर आरोपी शिक्षक समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एक शिक्षक पुलिस हिरासत में है।
सचल दस्ता प्रभारी डीआईओएस राकेश कुमार टीम के सदस्यों लव कुमार, राजेश कौशल, ममता चौधरी और शिवी के साथ सुबह की पाली में ककराला के नगर पालिका इंटर कॉलेज पहुंचे। डीआईओएस जब कॉलेज में घुसे तो देखा कि जिन कमरों में परीक्षा चल रही थी उन कमरों से नकल की पर्चियां बाहर की तरफ फेंकी जाने लगीं। इसी दौरान डीआईओएस की नजर कॉलेज में मोबाइल से बात कर रहे एक शिक्षक पर पड़ी। जैसे ही उसने सचल दल की टीम को देखा तो कमरा नंबर-19 की खिड़की से अपने पास रखी नकल सामग्री और मोबाइल बाहर फेंक दिया। जब डीआईओएस ने इस बारे में पूछा तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद डीआईओएस ने खिड़की से फेंके गए मोबाइल को उठवाया तो उस पर दूसरी तरफ से बात चल रही थी। दूसरी तरफ से बोलने वाला पेपर के उत्तर का जवाब बता रहा था। इस पर शक होने पर केंद्र व्यवस्थापक शेरसिंह से इस बारे में मालूमात की गई तो पता चला कि शिक्षक मिनहाजुद्दीन है, जो कि जेएसएम इंटर कॉलेज उसहैत में शिक्षक है। इसकी गुरुवार को परीक्षा में किसी तरह की कोई ड्यूटी नहीं लगी थी। वह अवैध रूप से कॉलेज में मौजूद था और मोबाइल से पर्चा आउट करके नकल करा रहा था। कमरा नंबर 2,3,5,19,20 और 21 में परीक्षा करा रहे कक्ष निरीक्षक शहनावाज, शिशुपाल, खुशबू जहां, श्वेता सक्सेना, गुलनारा बेगम और नूरएन बेगम की भूमिका भी संदिग्ध दिखी। इनके कक्षों से भी नकल सामग्री बरामद की गई। डीआईओएस ने पर्चियों को इकठ्ठा कराया और नकल कराने वाले शिक्षक मिनहाजुद्दीन को लेकर थाने पहुंचे। इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक शेरसिंह ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने को तहरीर दी। इंस्पेक्टर इंद्रेश सिंह ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर ककराला निवासी मिनहाउद्दीन, कक्ष निरीक्षक शहनवाज, शिशुपाल, खुशबू जहां, श्वेता सक्सेना, गुलनारा बेगम और नूरएन बेगम के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दोबारा हो सकते है ये पेपर: डीआईओएस
डीआईओएस राकेश कुमार के मुताबिक कॉलेज में सामूहिक नकल कराई जा रही थी। एक शिक्षक मोबाइल से नकल करा रहा था। उसका मोबाइल बरामद कर सील कर दिया गया है। कॉलेज कैंपस में करीब 250 पर्चियां मिली हैं। जिससे नकल कराने की पुष्टि होती है। मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। संभवत: हाईस्कूल, सामजिक विज्ञान और इंटर के उर्दू की परीक्षा निरस्त हो सकती है। आदेश मिलने पर यहां पेपर दोबारा कराया जाएगा।
केंद्र व्यवस्थापक की भूमिका भी सवालों में
अलापुर। केंद्र व्यवस्थापक ने लिखित में बताया है कि मोबाइल पर नकल करा रहे शिक्षक की परीक्षा में डयूटी नहीं थी। सवाल उठता है कि जब उसकी ड्यूटी नहीं थी तो वह कॉलेज में किसकी परमीशन से मौजूद रहकर नकल करा रहा था। चूंकि केंद्र व्यवस्थापक ही व्यवस्था के लिए जिम्मेदार होते हैं पर इस मामले में उन्हीं को वादी बनाने से उन पर कार्रवाई का रास्ता बंद हो गया है।
बदनाम कॉलेज कैसे बना परीक्षा केंद्र
अलापुर। शिक्षा विभाग से लेकर आम लोगों तक को पता है कि ककराला नगर पलिका इंटर कॉलेज में खुलेआम नकल होती है। इसके बाद भी इस बदनाम कॉलेज को परीक्षा केंद्र कैसे बना दिया। इसे लेकर भी जिम्मेदारों पर सवाल उठ रहे हैं।