आईजी विजय सिंह मीना ने ऐसे पुलिस कर्मियों को चिह्नित करने के आदेश दिए हैं, जिनकी
गतिविधियां संदिग्ध हैं। उन्होंने एसएसपी को ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तीन
दिन में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
पुलिस लाइंस सभागार में पुलिस
कर्मियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह आदेश देेने के साथ ही
कहा कि मूसाझाग और उझानी की घटनाएं शर्मनाक हैं। दोनों मामलों में जिसका
जितना दोष है, उसको उतनी सजा मिलेगी। कहा, अगर पुलिस कर्मियों पर ही ऐसे
आरोप लगते रहेंगे, तो लोगों का भरोसा टूट जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाएं न
हों, इसके लिए सोचना होगा।
सम्मेलन में जिले के सभी थानेदार और हर थाने
से तीन सिपाहियों को बुलाया गया था। आईजी ने कहा कि जनता के प्रति व्यवहार
अच्छा रहना चाहिए। उन्होंने पुलिस कर्मियों को कर्तव्य बोध कराया।
उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिसवालों की सूची तैयार की जाएगी, तो अपना दायित्व
सही ढंग से नहीं निभा रहे हैं। इस मौके पर एसएसपी संतोष कुमार सिंह, एसपी
सिटी लल्लन सिंह, एसपी देहात बालेंदु भूषण सिंह, सीओ सिटी राजेंद्र सिंह
धामा, सीओ उझानी सतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।
कॉल डिटेल से खुले कई राज
बदायूं।
आईजी विजय सिंह मीणा ने बताया कि गौरव टाइटलर की कॉल डिटेल से पता लगा है
कि छात्रा के साथ इसके काफी पुराने संबंध थे। दोनों के बीच फोन पर काफी देर
तक बातें होती थीं। उन्होंने कहा कि छात्रा की हालत अभी इस लायक नहीं है
कि उससे पूछताछ की जा सके। उसकी हालत में सुधार के बाद कुछ और तथ्य सामने आ
सकते हैं।
फारेंसिक टीम ने बिस्तर के नमूने लिए
उझानी।
आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर के कमरे में मिली वस्तुओं समेत उसके कपड़ों को भी
फॉरेंसिक टीम ने सील कर दिया। बिस्तर से भी नमूने लिए गए। जांच के लिए
फॉरेंसिक टीम ने सीढ़ियों और छत पर मिले धब्बों के फोटोग्राफ लिए। फॉरेंसिक
टीम की अफसर वंदना दुबे ने उसकी वीडियोग्राफी भी कराई।
रूम पार्टनर की वर्दी भी सील
उझानी।
आरोपी सिपाही के क्वार्टर में पिछले कुछ दिन से एक अन्य सिपाही भी रहने
लगा था। पहले वह बैरक में रहता था। ट्रांसफर होने के बाद उसने अपना सामान
गौरव के क्वार्टर में रखवा दिया था। वह सिपाही रात में रुकता भी था।
क्वार्टर में मिली इस सिपाही की नेम प्लेट वाली वर्दी को फॉरेंसिक टीम ने
सील कर दिया।
कमरे पर नया ताला लगे होने पर सवाल
उझानी।
फॉरेंसिक टीम जब आरोपी सिपाही के कमरे पर लगे सीलबंद ताले को तुड़वाने
पहुंची तो एक अफसर की नजर पड़ोस के एक और कमरे में उसी मार्का के ताले पर
पड़ गई। वह ताला भी नया लग रहा था। हालांकि सीओ सतीश चंद्र शर्मा ने बताया
कि कमरे के ताले को घटना वाली रात ही सील कर दिया गया था।
संबंध करा रहे फजीहत!
उझानी
(बदायूं)। कटरा सआदतगंज, फिर मूसाझाग और अब उझानी। तीनों मामलों में
सिपाहियों की पब्लिक के साथ रिलेशनशिप ने ही विभाग की फजीहत कराई है।
मूसाझाग में तो यहां तक बात चल चुकी है कि सिपाही अवनीश और वीरपाल यादव
पीड़ित किशोरी के गांव में उसी के घर के आसपास देखे जाते थे। छात्रा को
क्वार्टर में बुलाकर उसे छत से फेंकने में बर्खास्त सिपाही गौरव टाइटलर के
केस में भी कथित रिलेशनशिप सामने आई है।
ब्लैकमेल करने के पीछे आखिर क्या है मकसद
उझानी।
घायल छात्रा की मां की ओर से डीआईजी आरकेएस राठौर को सौंपी गई तहरीर के
आधार पर कोतवाली पुलिस ने सिपाही गौरव टाइटलर पर जो केस दर्ज किया, उसमें
एक बात साफ है कि छात्रा को ब्लैकमेल करने का प्रयास किया गया। सवाल यह है
कि छात्रा का सिपाही के पास ऐसा क्या था, जिसके आधार पर वह अपनी बात मनवाना
चाहता था।
नहीं पहुंचा गौरव का करीबी दोस्त
उझानी।
आईजी विजय सिंह मीना को जब यह पता लगा कि आरोपी सिपाही के नगर में उसके कई
युवकों से गहरे संबंध रहे हैं। ऐसे ही एक करीबी दोस्त का नाम सामने आने पर
उन्होंने उसे बुलाने के लिए दरोगा को भेजा लेकिन वह घर पर नहीं मिला। सूत्र
बताते हैं कि बुलाए जाने की भनक लगते ही वह खिसक गया।
इन घटनाओं से बदनाम हुई खाकी
-
15 जनवरी 2015: उझानी थाने के सिपाही ने छात्रा को छत से फेंका। सिपाही को
बर्खास्त किया गया। कोतवाल सस्पेंड। सिपाही जेल में बंद है।
- 31
दिसंबर 2014: मूसाझाग थाने में नाबालिग से दो सिपाहियों ने गैंगरेप किया।
दोनों सिपाही बर्खास्त किए गए। इन दिनों जेल में बंद हैं।
- 27/28 मई
2014: उसहैत थाने के कटरा सआदतगंज में दो चचेरी बहनों के शव पेड़ पर लटके
मिले। मामले में दो सिपाहियों समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या और गैंगरेप
की रिपोर्ट दर्ज हुई। डीएम और एसएसपी समेत कई पर गाज गिरी।
- 18 जुलाई
2012: बिनावर थाने में पीट-पीट कर दलित की हत्या। दो सिपाहियों समेत चार के
खिलाफ हत्या का मुकद्मा दर्ज हुआ था। तत्कालीन एसएसपी सस्पेंड किए गए थे।
-
29 मई 2012: रामपुर जिले के एक युवती से कोतवाली क्षेत्र की लालपुल चौकी
पर बलात्कार हुआ। सिपाही समेत तीन लोग जेल भेजे गए थे। कोतवाल को सस्पेंड
किया गया था।