चर्चित कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने शुक्रवार को वादी पक्ष को मामले से जुड़े उन सभी साक्ष्यों की नकलें सौंप दी हैं, जिनके आधार पर जांच एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की थी। वादी पक्ष के वकील ज्ञान सिंह शाक्य ने कहा कि वह नकलों का अध्ययन करने के बाद प्रोटेस्ट के समर्थन में कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।
कटरा सआदतगंज कांड में जांच कर रही सीबीआई ने 11 दिसंबर 2014 को स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। 19 फरवरी को वादी पक्ष ने इसके खिलाफ प्रोटेस्ट किया। दोनों पक्षों में क्लोजर रिपोर्ट और प्रोटेस्ट पर बहस चल रही थी। वादी ने प्रोटेस्ट पर अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर उन सभी साक्ष्यों की नकलें मांगी थीं जिनके आधार पर क्लोजर रिपोर्ट लगाई गई। सीबीआई ने साक्ष्य देने से इंकार कर दिया। स्पेशल जज पाक्सो एक्ट कोर्ट ने भी वादी की साक्ष्य दिलाए जाने संबंधी अर्जी खारिज कर दी।
इसके बाद वादी पक्ष ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। 22 जुलाई 2015 को हाईकोर्ट ने सीबीआई को 30 दिन के भीतर मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों की नकलें वादी पक्ष को उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।
शुक्रवार को सीबीआई की एक टीम बदायूं पहुंची। सीबीआई ने वादी पक्ष के वकील ज्ञान सिंह शाक्य, एचएस नकवी की मौजूदगी में दोनों लड़कियों के पिता को 1900 पृष्ठ में साक्ष्यों की नकलें सौंप कर उनसे रिसीविंग ले ली। कोर्ट में सुनवाई सात सितंबर को होगी। इस बीच वादी के वकील ने कहा है कि साक्ष्यों के अध्ययन में कुछ वक्त लगेगा। इसके बाद ही वह कुछ कह सकते हैं।