वायरल ऑडियो के आधार पर पीड़ित पक्ष ने एसपी से की शिकायत
शेखूपुर विधायक पर संरक्षण का आरोप
कादरचौक थाने के गांव खिरिया बाकरपुर में पिता-पुत्र के बीच संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में छह मई को हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। सात लोग घायल भी हुए। इस मामले में ऑडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। वायरल ऑडियो की वार्ता के आधार पर पीड़ित पक्ष आरोप लगा रहा है कि वारदात पूर्व नियोजित थी। उन्होंने शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाकर एसएसपी से कार्रवाई की मांग की है। बुधवार को पीड़ित पक्ष के लोग एसएसपी से मिले और शिकायती पत्र दिया।
गांव खिरिया बाकरपुर के सत्यपाल का अपने ही बेटे सुधीर से संपत्ति को लेकर झगड़ा था। सुधीर की ससुराल धौकन नगला गांव में है। सत्यपाल का भाई विक्रम सिंह खिरिया बाकरपुर का प्रधान है। छह मई को सुधीर ने अपने ससुरालियों की मदद से अपने ही परिवार के लोगों पर हमला बोल दिया था। इसमें सात लोग घायल हुए थे। ग्राम प्रधान विक्रम सिंह के भतीजे दानवीर की मौत हो गई थी। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। बुधवार को प्रधान विक्रम सिंह कई लोगों के साथ पुलिस ऑफिस पहुंचा। यहां अधिकारियों से मिलकर आरोप लगाया कि सुधीर को शेखूपुर विधायक का संरक्षण है। उसने कुछ ऑडियो भी सौंपे। इसमें एक ऑडियो में किसी दरोगा से सुधीर की मदद करने को कहा जा रहा है। विक्रम सिंह का दावा है कि यह आवाज विधायक की है। अन्य कई ऑडियो में भी सुधीर दूसरे लोगों से खूनी संघर्ष की साजिश बनाता सुनाई दे रहा है।
सीओ उझानी करेंगे जांच, प्रयोगशाला जाएगी ऑडियो
बदायूं। एसएसपी चंद्र प्रकाश ने मामले में जांच सीओ उझानी को सौंपी है। ऑडियो को भी जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके बाद ही साफ हो सकेगा कि ऑडियो में आवाज किसकी है और यह ऑडियो खूनी संघर्ष की वारदात से कितनी पुराना है।
विधायक ने साजिश बताया
बदायू। विधायक धर्मेंद्र शाक्य का कहना है कि वह जनप्रतिनिधि हैं। उनके पास क्षेत्र के बहुत सारे लोग आते हैं। अपने फोन से उनकी बात अधिकारियों से करा दिया करते हैं। उनकी छवि खराब करने की साजिश की जा रही है। सर्विलांस और कॉल डिटेल के जरिए पता लग जाएगा कि उनकी कितनी बाद खिरिया बाकरपुर या फिर दूसरे गांव में किसी से बात हुई है। जांच में सब साफ हो जाएगा।