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ईंट भट्ठा चौकीदार की आग में झोंककर हत्या!

Sat, 31 Jan 2015 11:47 PM IST
बदायूं।
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 सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव दौरी निरोत्तमपुर के पास ईंट भट्ठे के चौकीदार की शुक्रवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई। मृतक के पुत्र ने भट्ठा मालिक पर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसने आग में जलाकर मार डाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी भट्ठा मालिक फरार है। आरोप है कि भट्ठा मालिक से रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद था। पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह पेट और सीने पर बुरी तरह से जलना बताया गया है।
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दौरी निरोत्तमपुर से करीब आधा किलोमीटर दूर ककराला निवासी राजेंद्र गुप्ता का ईंट का भट्ठा है। दौरी निरोत्तमपुर के वीरपाल (65) पुत्र पुलंद सिंह पिछले दस साल से यहां चौकीदार थे। शनिवार सुबह भट्ठा के पास ही बरामदे में वह मृत मिले। वीरपाल पेट, सीने और सिर पर बुरी तरह से जले हुए थे। मृतक के पुत्र ढाकन सिंह का आरोप है कि भट्ठा मालिक पर उनके पिता के कमीशन और वेतन के रुपये थे। रुपये मांगने पर वह बार-बार बहाना कर देता था। शुक्रवार को उनके पिता गांव में भंडारा खाने आए थे। यहां उन्होंने गांव के राजेंद्र, चंदन और रवेंद्र को बताया कि भट्ठा मालिक उनकी हत्या कर सकता है। अब वह वहां चौकीदारी नहीं करेंगे। इसके बाद वह भट्ठे पर चले गए।
ढाकन सिंह का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब आठ बजे जब वह अपने चचेरे भाई चंदन सिंह के साथ भट्ठे पर पहुंचे तो उनके पिता जले हुए मृत पड़े थे। भट्ठा मालिक राजेंद्र गुप्ता दो लोगों के साथ उनके शव को भट्ठे की मिट्टी डाल कर दबा रहे थे। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ सिविल लाइंस अजय कुमार यादव भी मामले को संदिग्ध मान रहे हैं। पोस्टमार्टम में मौत की वजह पेट और सीने पर गंभीर रूप से जलना बताई गई है। इधर, भट्ठा मालिक का कहना है कि वह घटना के बारे में कुछ नहीं जानते।
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शरीर पर मिली भट्ठे की राख
बदायूं। मृतक वीरपाल सिंह के शरीर पर भट्ठे की राख मिली है। हालांकि वीरपाल जिस बरामदे में सो रहे थे वह भट्ठे से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर है। जिस तख्त पर वह सो रहे थे वह भी जल गया है। सवाल यह उठता है कि उनके शरीर पर भट्ठे की राख क्यों मिली। अगर, वह हादसे में जले हैं तो उन्होंने चीख पुकार क्यों नहीं की। रात में भट्ठे पर कई और मजदूर भी सो रहे थे उनको भी घटना के बारे में कुछ पता नहीं लगा।

खानाबदोस जीवन जी रहे थे पिता-पुत्र
बदायूं। वीरपाल की पत्नी की कई साल पहले ही मौत हो चुकी है। उनके एक बेटा ढाकन सिंह और दो बेटियां मधु, नीलम हैं। दोनों बेटियों की वह शादी कर चुके हैं। बेटे की अब तक शादी नहीं हुई है। बेटा ढाकन सिंह ड्राइवरी करके अपना गुजारा करता है। घर में कोई महिला न होने से खानाबदोस की तरह जिंदगी जी रहे हैं। गांव में उनका घर तो है लेकिन यहां कभी कभार ही आते हैं। गांव वालों की मानें तो दोनों किसी तरह से अपना गुजारा कर रहे थे।

वीरपाल ने ही लगवाया था भट्ठा
बदायूं। जिस भट्ठे पर जलकर वीरपाल की मौत हुई वह भट्ठा लगवाने में इन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। ककराला के राजेंद्र गुप्ता को यहां भट्ठे के लिए जमीन इन्होंने ही क्रय कराई थी। वीरपाल के पास भी करीब साठ बीघा जमीन थी। यह जमीन कई साल पहले वह बेच चुके थे। भट्ठा लगने के बाद वह यहीं चौकीदारी करने लगे थे।

मुकदमा दर्ज होने के बाद फैसला!
बदायूं। वीरपाल के पुत्र ढाकन सिंह की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने राजेंद्र गुप्ता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। देर रात सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच फैसले की बात चल रही है। ढाकन सिंह की ओर से समझौते के लिए राजीनामा और शपथ-पत्र भी पुलिस को दिए गए हैं। अगर, दोनों पक्षों में फैसला हो जाता है तो पुलिस इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगा देगी।
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