भैंसोरा की प्रधान रामबेटी के पति शिशुभान की हत्या और उसके बेटे को मरा समझ सड़क पर छोड़ गए हमलावरों को पुलिस का भी खौफ नहीं रहा। गांव से अर्थी उठी तो हमलावर फिर से गांव जा धमके। उन्हें घूमता देख ग्रामीण भी सकते में पड़ गए। बात पूर्व ब्लॉक प्रमुख कृष्णपाल यादव उर्फ गुरु के संज्ञान में पहुंची तो उन्होंने कोतवाल से बात कर मौके पर पुलिस फोर्स भिजवाया।
हमलावरों के फिर से भैंसोरा पहुंचने की बात ब्लॉक प्रमुख गुरु को मृतक के भाई विजेंद्र यादव के जरिए पता लगी। विजेंद्र प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं। विजेंद्र को गांव के किसी व्यक्ति ने फोन कर हमलावरों के पहुंचने की जानकारी दी थी। कोतवाल ने कछला चौकी इंचार्ज को कॉल कर फोर्स के साथ मौके पर भेजा लेकिन तब तक हमलावर निकल चुके थे। पुलिस फोर्स शव उठ जाने के बाद भी गांव में रहता तो हमलावरों को पकड़ा भी जा सकता था।
इधर, ग्रामीणों की मानें तो विगत महीनों एक महिला के साथ रेप का मामला सामने आया तो शिशुभान ने पीड़िता की मदद की थी। दबंग प्रवृति के ये लोग जब भी किसी ग्रामीण को परेशान करते तब शिशुभान ही उनकी मदद को आगे आते थे।
परिवार के मुखिया की हत्या के साथ हमले में सबसे बेटे की गंभीर हालत की वजह से घरवाले सदमे में हैं। प्रधान रामबेटी भी बदहवास नजर आईं।
शिशुभान की मौत हालांकि मौके पर ही हो गई थी लेकिन परिवार की महिलाओं को यह बात दोपहर में बताई गई। भनक लगते ही प्रधान रामबेटी परिवार की महिलाओं के साथ रोती-बिलखती अस्पताल में पहुंच गईं। लाश देखते ही गश खाकर गिर पड़ीं। उन्हें बमुश्किल संभाला गया। पुत्रवधू का भी रो-रोक बुरा हाल हो गया है।
सदमे में दिखे घरवालों में मृतक के बेटे विनय उर्फ डब्लू और भाई विजेंद्र सिंह ने बताया कि उनका कसूर महज इतना रहा कि भैंसोरा के ग्रामीणों का उत्पीड़न होने पर चुप नहीं रहे। हमदर्दी की सजा अगर यह होती तो आने वाले दिनों में कोई किसी भी मजलूम के साथ खड़ा नजर नहीं आएगा